28 C
Mumbai
Friday, August 21, 2026

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

भारतीय शेयर बाज़ार में लगातार सुस्ती: विदेशी निवेशकों ने निकाले $26.4 अरब, एशियाई देशों से पिछड़ा भारत

एआई आधारित कंपनियों की कमी बनी मुख्य वजह, बैंक ऑफ अमेरिका के सर्वे में एशिया का सबसे कम पसंदीदा बाज़ार

मुंबई: दो साल के कमजोर प्रदर्शन के बाद वर्ष 2026 में भारतीय शेयर बाज़ार में जोरदार वापसी की उम्मीद जता रहे विश्लेषकों और बाज़ार विशेषज्ञों को बड़ा झटका लगा है। कभी दुनिया भर में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला भारतीय शेयर बाज़ार अब विदेशी निवेशकों का भरोसा खोता नज़र आ रहा है और चालू वर्ष में यह एशिया के अन्य प्रतिस्पर्धी बाज़ारों की तुलना में काफी पिछड़ गया है।

बाज़ार विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में बड़े निवेश के अवसर तलाश रहे वैश्विक निवेशक भारत में ऐसी कंपनियों के पर्याप्त विकल्प न मिलने से खासे निराश हैं।

26.4 अरब डॉलर की भारी विदेशी निकासी सिक्योरिटीज़ डिपॉज़िटरी ‘एनएसडीएल’ (NSDL) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय इक्विटी बाज़ार से 26.4 अरब डॉलर से अधिक की भारी निकासी की है। इस भारी बिकवाली के कारण मई माह में स्टॉक मार्केट वैल्यूएशन के आधार पर भारत वैश्विक रैंकिंग में पांचवें स्थान से फिसलकर सातवें स्थान पर पहुंच गया था।

इंडोनेशिया से भी नीचे खिसका भारत चिंता की बात यह है कि स्थिति में अब तक सुधार नहीं दिख रहा है। बैंक ऑफ अमेरिका के हालिया फंड मैनेजर सर्वे में भारत की स्थिति और खराब हुई है। सर्वे के नतीजों के मुताबिक, भारत अब इंडोनेशिया से भी पीछे छूट गया है और विदेशी फंड मैनेजरों के लिए एशिया का सबसे कम पसंदीदा (Least Preferred) शेयर बाज़ार बन चुका है।

ताजा खबर - (Latest News)

Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here