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राज्य सरकार राज्य में निवेशकों को रोकने और नए निवेश लाने की रणनीति पर जुटी

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महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई और आसपास के इलाकों के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने की खास योजना तैयार की है। राज्य की अर्थव्यवस्था और निवेशकों के भरोसे को मजबूत करने के लिए सरकार मुंबई महानगरीय इलाके के विकास पर खास जोर दे रही है। राज्य सरकार का मानना है कि पिछली सरकार के असहयोग की वजह से उद्योग धंधे महाराष्ट्र में आने से कतरा रहे थे और हाल में उन्होंने अपने परिचालन को देश के अन्य हिस्सों में स्थानांतरित कर दिया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि राज्य से बाहर जाने वाले कुछ उद्योगों का कारण तत्कालीन (महा विकास आघाडी) सरकार द्वारा ढाई साल के शासन के दौरान उनसे सहयोग नहीं करना है। ये उद्योग इस बात से बेखबर थे कि यहां सरकार बदलने वाली है। अब वे (शिवसेना का ठाकरे गुट, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) उद्योगों के यहां से जाने के लिए हमें कसूरवार ठहरा रहे हैं। क्या ये उद्योग सिर्फ दो महीने में गए हैं? हमारी सरकार को केंद्र का पूरा समर्थन प्राप्त है। हमने हाल में दावोस में हुए विश्व आर्थिक मंच के दौरान 1.30 लाख करोड़ रुपये के समझौते किए हैं।

शिंदे ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ केनेडी का उदाहरण देते हुए कहा कि विकास के लिए पहली जरूरत अच्छी सड़कें हैं। केनेडी ने कहा था कि अमेरिका की सड़कें इसलिए अच्छी नहीं है कि अमेरिका अमीर है बल्कि अमेरिका अच्छी सड़कों की वजह से अमीर है।

कई बड़ी परियोजनाओं के दूसरे राज्यों में चले जाने के बाद से ही सरकार और विपक्ष के बीच टकराव है। गौरतलब है कि इनमें वेदांता-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर परियोजना और टाटा-एयरबस सैन्य परिवहन विमान परियोजना शामिल है। संबंधित कंपनियों ने दोनों परियोजनाओं के लिए इकाई स्थापित करने के वास्ते गुजरात को चुना है। शिंदे ने पिछले साल तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत कर दी थी जिसके बाद शिवसेना दो गुटों में बंट गई। इसके बाद पिछले साल जून में शिंदे की सरकार बनी।

राज्य में निवेशकों को रोकने के लिए राज्य सरकार ने कृति दल का गठन किया है। कृति दल में निवेशकों की समस्याओं को लेकर बैठक की जाएगी और उसमें लिए गए निर्णयों से संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों से बाहर भूमि अधिग्रहण, उद्योगों की स्थापना आदि की कार्रवाई समिति द्वारा की जायेगी।

उद्योग विभाग के अपर वित्त, मुख्य सचिव एवं सचिव, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास विकास सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी (विशेष परियोजना), उद्योग विभाग के विकास आयुक्त के साथ-साथ एमएमआरडीए, सिडको, शहरी विकास, पर्यावरण, ऊर्जा, सहित अन्य संबंधित विभागों के सदस्य श्रम, राजस्व और वन विभाग यह समिति काम करेगी।

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मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के विकास की जिम्मेदारी संभालने वाली सरकारी एमएमआरडीए के आयुक्त एस.वी.आर श्रीनिवास के मुताबिक प्राधिकरण ने क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लक्ष्य के साथ एक विस्तृत प्रोजेक्ट का प्रस्ताव तैयार करने के लिए बोलियां आमंत्रित की है। इसका उद्देश्य प्रमुख ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का पूरा लाभ उठाना है जो कि मुंबई की उसके उपनगरों के साथ दूरी घटाने के उद्देश्य के साथ जारी हैं।

श्रीनिवासन ने कहा कि भारत का लक्ष्य 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का है। महाराष्ट्र 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य देख रहा है, और इसका एक बड़ा हिस्सा एमएमआर से आएगा। राज्य की अर्थव्यवस्था को घटाने या बढ़ाने में यह क्षेत्र काफी मायने रखता है।

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