हाईकोर्ट द्वारा दोषसिद्धि पर रोक के बाद सचिवालय ने जारी की अधिसूचना; समर्थकों में जश्न का माहौल
बेंगलुरु:
कर्नाटक के धारवाड़ से कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी को बड़ी कानूनी और राजनीतिक राहत मिली है। कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा उनकी दोषसिद्धि पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी रद्द की गई विधानसभा सदस्यता बहाल कर दी है।
विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 2 मई 2026 को जारी अयोग्यता का आदेश अब प्रभावहीन हो गया है।
योगीश गौड़ा हत्याकांड में मिली थी सजा
विशेष अदालत द्वारा सुनाए गए फैसले और हाईकोर्ट के घटनाक्रम का विवरण:
- निचली अदालत का फैसला: धारवाड़ जिला पंचायत सदस्य योगीश गौड़ा की हत्या के मामले में विशेष अदालत ने विनय कुलकर्णी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद नियमानुसार उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई थी।
- हाईकोर्ट से राहत: कुलकर्णी ने इस फैसले को कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद उनकी दोषसिद्धि पर अंतरिम रोक लगा दी और उन्हें अंतरिम जमानत भी प्रदान कर दी।
विधानसभा सचिवालय ने जारी किया आदेश
हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद विधानसभा सचिवालय ने स्पष्ट किया कि अयोग्यता आदेश स्वतः प्रभावहीन हो गया है, जिसके आधार पर विनय कुलकर्णी की सदस्यता तुरंत प्रभाव से बहाल कर दी गई है।
अधिसूचना की प्रतियां भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन अधिकारी और संसद सचिवालय को भेज दी गई हैं। हाईकोर्ट का अंतिम फैसला आना अभी बाकी है, लेकिन तब तक कुलकर्णी विधायक के रूप में अपने सभी अधिकारों का उपयोग कर सकेंगे।

