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अमेरिका के प्रयासों को झटका, रूस-यूक्रेन ने एक-दूसरे पर सीजफायर तोड़ने का लगाया आरोप

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तुर्की के शहर अंटाल्या में एक उच्च स्तरीय सम्मेलन के दौरान रूस और यूक्रेन के विदेश मंत्रियों ने एक-दूसरे पर अमेरिकी मध्यस्थता से हुए सीमित संघर्षविराम (सीजफायर) को तोड़ने का आरोप लगाया। इससे यह साफ हो गया कि तीन साल से जारी युद्ध को खत्म करने की कोशिशें कितनी मुश्किल भरी हैं। अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। इसके तुरंत बाद तुर्की में हुए अंताल्या कूटनीति मंच में दोनों देशों के विदेश मंत्री पहुंचे और अपने-अपने पक्ष रखे।

हालांकि पिछले महीने अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ढांचे (पावर प्लांट, डैम वगैरह) पर हमले रोकने के लिए 30 दिन का सीमित संघर्षविराम तय किया गया था, लेकिन उस पर तुरंत विवाद शुरू हो गया। दोनों देशों ने संघर्षविराम कब शुरू होना है, इस पर अलग-अलग बयान दिए और फिर एक-दूसरे पर पहली ही रात नियम तोड़ने का आरोप लगाया।

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि, ‘यूक्रेन शुरुआत से ही हम पर हमला करता आ रहा है। केवल दो-तीन दिन छोड़कर हर दिन हमला हुआ है।’ उन्होंने कहा कि रूस अमेरिका, तुर्की और अंतरराष्ट्रीय संगठनों को यूक्रेन द्वारा संघर्षविराम के उल्लंघन की सूची देगा। रूस के विदेश मंत्रालय ने दावा किया कि यूक्रेन ने अब तक 60 से ज्यादा बार संघर्षविराम तोड़ा है। लावरोव ने यह भी कहा कि रूस अब भी उस समझौते का पालन कर रहा है और केवल आत्मरक्षा में कार्रवाई कर रहा है।

यूक्रेन ने क्या दिया जवाब?
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रि सिबिहा ने रूसी दावों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि, ‘रूस ने संघर्षविराम के बाद से अब तक 70 मिसाइलें, 2,200 से ज्यादा विस्फोटक ड्रोन्स और 6,000 से ज्यादा गाइडेड बम यूक्रेन पर दागे हैं, वो भी ज्यादातर नागरिक इलाकों पर।’ उन्होंने कहा, ‘दुनिया अब खुद देख सकती है कि कौन युद्ध चाहता है और कौन शांति।’

इस समय युद्ध में रूस को कुछ हद तक बढ़त मिली हुई है। यूक्रेन ने आशंका जताई है कि रूस एक बार फिर वसंत ऋतु में बड़ा हमला करने की योजना बना रहा है, जिससे वह आगे की बातचीत में अपनी स्थिति मजबूत कर सके। हालांकि यूक्रेन ने अमेरिका की तरफ से प्रस्तावित एक व्यापक संघर्षविराम योजना को समर्थन दिया है, लेकिन रूस ने उस पर कठोर शर्तें रख दी हैं, जिससे आगे बढ़ना मुश्किल हो गया है। यूरोपीय देशों ने रूस पर आरोप लगाया है कि वह जानबूझकर शांति प्रक्रिया को धीमा कर रहा है।

अमेरिका का क्या कहना है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर लिखा, ‘यह युद्ध बहुत भयानक और बिना मतलब का है। रूस को अब शांति की ओर कदम बढ़ाना चाहिए।’ 

ब्लैक सी में व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षा योजना पर भी विवाद
तुर्किए और सऊदी अरब की मदद से अमेरिका ने एक प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत काला सागर में व्यापारी जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। लेकिन रूस ने कहा है कि जब तक उस पर लगे प्रतिबंध नहीं हटाए जाते — जैसे जहाजों का बीमा, बंदरगाहों में प्रवेश और अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्रणाली तक पहुंच — तब तक यह समझौता लागू नहीं हो सकता। बता दें कि 2022 में संयुक्त राष्ट्र और तुर्की ने ऐसा ही एक समझौता कराया था, लेकिन रूस ने 2023 में उसे बंद कर दिया। 

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