संवैधानिक दायित्वों से पीछे हटने का दावा, मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर बोला तीखा हमला
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के आधिकारिक नाम और उसके पंजीकृत ‘जोड़ा घास फूल’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाने के भारत निर्वाचन आयोग के अंतरिम आदेश पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग के इस कदम की सार्वजनिक रूप से निंदा करते हुए आरोप लगाया है कि स्वायत्त संस्था अपने तय संवैधानिक दायित्वों और निष्पक्ष भूमिका से पीछे हट रही है।
संवैधानिक जिम्मेदारी से मुकरने का आरोप कांग्रेस ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि एक प्रमुख राजनीतिक दल के नाम और उसकी वर्षों पुरानी पहचान यानी चुनाव चिह्न को उपचुनाव के मुहाने पर फ्रीज कर देना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। पार्टी के अनुसार, आयोग को दोनों गुटों के आंतरिक दावों पर संतुलित और न्यायसंगत रुख अपनाना चाहिए था, न कि इस तरह का एकतरफा फैसला सुनाकर पार्टी के चुनाव लड़ने के बुनियादी अधिकार को प्रभावित करना चाहिए।
पीएम को ‘देर रात जन्मदिन का तोहफा’ करार दिया कांग्रेस नेतृत्व ने इस फैसले के समय पर गंभीर सवाल उठाते हुए बेहद तीखा राजनीतिक हमला किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज करने का यह फैसला मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया गया एक ‘देर रात जन्मदिन का तोहफा’ प्रतीत होता है। कांग्रेस ने कहा कि इस तरह के विवादास्पद कदम चुनावी संस्थाओं की निष्पक्षता पर जनता के विश्वास को कमजोर करते हैं।

