चीन की सेना ने रविवार को हाल ही में पेंटागन की एक रिपोर्ट पर कडी प्रतिक्रिया दी। रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन की सेना के आधुनिकीकरण में भ्रष्टाचार आड़े आ रहा है। चीन ने इसे झूठ करार दिया और कहा कि उसके सैन्य खतरे को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने की कोशिश की जा रही है।
पेंटागन की रिपोर्ट को खारिज करते हुए चीन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह रिपोर्ट चीनी सेना के खिलाफ झूठी बातें फैला रही है और चीन के सैन्य विकास की क्षमता को गलत तरीके से पेश कर रही है। चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता झांग शियोगांग ने शनिवार को कहा कि पेंटागन की रिपोर्ट ने चीन की रक्षा नीतियों को गलत तरीके से समझा। उन्होंने इसे चीन के घरेलू मामलों में दखल करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट में चीन के सैन्य खतरे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है।
झांग शियोगांग ने कहा कि अमेरिका पिछले बीस वर्षों से इस तरह की धोखाधड़ी और पाखंड वाली रिपोर्ट प्रकाशित कर रहा है, जो केवल अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ाने के लिए बहाने ढूढने का काम करती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को अब यह रिपोर्ट बंद करनी चाहिए और चीन के खिलाफ अपनी गलत धारणाओं को सुधारना चाहिए। झांग ने यह भी कहा कि अमेरिका युद्ध के लिए पागल हो चुका है और उसने अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा पैदा किया है।
पेंटागन की रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन की सेना (पीएलए) अपने आधुनिकीकरण की योजनाओं को लागू करने में मुश्किलों का सामना कर रही है और इसमें भ्रष्टाचार बड़ी बाधा बन रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि 2023 में चीनी सेना के कई बड़े अधिकारी भ्रष्टाचार के आरोप में हटाए गए, जिसका असर सेना की योजनाओं पर पड़ा।
रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई से दिसंबर 2023 तक कम से कम 15 उच्च पदस्थ सैन्य अधिकारियों और रक्षा उद्योग के अधिकारियों को उनके पदों से हटाया दिया गया। इन अधिकारियों का भ्रष्टाचार से संबंध था और वे चीन की रक्षा योजनाओं, खासकर मिसाइलों और अन्य सैन्य उपकरणों के विकास में शामिल थे।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पीएलए अपनी सैन्य क्षमता और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। चीन की सेना जमीन, वायु, समुद्र, अंतरिक्ष और साइबर युद्ध के सभी क्षेत्रों में अपनी क्षमता को बढ़ा रहा है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि चीनी सेना को अभी भी कुछ महत्वपूर्ण क्षत्रों में सुधार की जरूरत है, जैसे कमांडर की दक्षता, लॉजिस्टिक्स।
चीनी की सेना बारे में यह भी बताया गया था कि चीनी नौसेना दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना है, जिसमें 370 से ज्यादा युद्धपोत और पनडुब्बियां हैं। इसके अलावा, चीनी वायुसेना (पीएलएएएफ) अपने विमानों और ड्रोन प्रणालियों को तेजी से आधुनिक बना रही है और अमेरिकी मानकों की बराबरी करने की कोशिश कर रही है।

