33 C
Mumbai
Saturday, April 11, 2026
No menu items!

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

फैसला सुरक्षित चुनावी बॉन्ड योजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर; जानें अब तक क्या-क्या हुआ

Array

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की चुनावी बॉन्ड योजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। योजना के तहत राजनीतिक दलों को अज्ञात फंडिंग की अनुमति देती है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को 30 सितंबर तक चुनावी बॉन्ड के माध्यम से सभी राजनीतिक दलों को मिले धन का डेटा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को दो सप्ताह के भीतर एक सीलबंद लिफाफे में जानकारी मुहैया कराने को कहा है।

कोर्ट ने मामले में 31 अक्तूबर से नियमित सुनवाई शुरू की थी। मामले की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच-सदस्यीय संविधान पीठ ने की। इसमें न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति बीआर गवई, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल थे। इस दौरान पक्ष और विपक्ष दोनों ओर से दलीलें दी गईं। कोर्ट ने सभी पक्षों को गंभीरता से सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।

इससे पहले कोर्ट ने बुधवार को कहा था कि चुनावी बॉण्ड योजना के साथ एक दिक्कत यह है कि यह चयनात्मक गुमनामी और चयनात्मक गोपनीयता प्रदान करती है। इसकी जानकारी स्टेट बैंक के पास उपलब्ध रहती है और उन तक कानून प्रवर्तन एजेंसियां भी पहुंच सकती हैं।

पीठ ने कहा कि योजना के साथ ऐसी परेशानियां रहेंगी, अगर यह सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर मुहैया नहीं कराएंगी। इससे योजना को लेकर अस्पष्टता की स्थिति बनी रहेगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि योजना का मकसद काले धन को समाप्त करने का बताया गया है। यह प्रशंसनीय भी है, लेकिन सवाल यह भी है कि क्या इससे 100% मकसद पूरा हो रहा है।

क्या है योजना?
इस योजना को सरकार ने दो जनवरी 2018 को अधिसूचित किया गया था। इसके मुताबिक, चुनावी बॉण्ड को भारत के किसी भी नागरिक या देश में स्थापित इकाई की ओर से खरीदा जा सकता है। कोई भी व्यक्ति अकेले या अन्य व्यक्तियों के साथ संयुक्त रूप से चुनावी बॉण्ड खरीद सकता है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत पंजीकृत ऐसे राजनीतिक दल चुनावी बॉण्ड के पात्र हैं। शर्त बस यही है कि उन्हें लोकसभा या विधानसभा के पिछले चुनाव में कम से कम एक प्रतिशत वोट मिले हों। चुनावी बॉण्ड को किसी पात्र राजनीतिक दल द्वारा केवल अधिकृत बैंक के खाते के माध्यम से भुनाया जाएगा।

ताजा खबर - (Latest News)

Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here