ब्रिटिश सरकार ने शुक्रवार (स्थानीय समयानुसार) को संसद का आपातकालीन सत्र बुलाया। इसका उद्देश्य कच्चे माल से स्टील बनाने वाली देश की आखिरी फैक्ट्री को बचाने के लिए कानून पारित करना है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आयातित स्टील पर टैरिफ लगाया है।
प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के कार्यालय द्वारा जारी किए गए बयान के अनुसार, सांसदों को शनिवार को ईस्टर की छुट्टी से वापस आकर कानून पर बहस करने के लिए कहा गया है, जिससे इंग्लैंड के उत्तरी शहर स्कनथॉर्प में स्थित ब्रिटिश स्टील प्लांट को सरकारी नियंत्रण में लिया जा सके और उसे बंद होने से बचाया जा सके। बयान में कहा गया है, ‘यह विधेयक सरकार को इंग्लैंड में स्टील कंपनियों को निर्देश देने की शक्ति प्रदान करता है, जिसका उपयोग हम स्कनथॉर्प प्लांट की सुरक्षा के लिए करेंगे।
हालांकि, सरकार ने ‘राष्ट्रीयकरण’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया, लेकिन यह साफ है कि स्टार्मर की केंद्र-वाम सरकार चीनी कंपनी जिंगे ग्रुप से ब्रिटिश स्टील फैक्ट्री के दैनिक संचालन को अपने हाथ में ले सकती है। वहीं, जिंगे ने कहा है कि स्कनथॉर्प प्लांट को चलाना अब बहुत मुश्किल हो गया है, क्योंकि बाजार के हालात खराब हैं। अमेरिका ने टैरिफ लगाया है, जिससे पर्यावरण से जुड़ी लागतें भी बहुत बढ़ गई हैं।
ट्रंप के टैरिफ से ब्रिटिश स्टील को पहुंचा नुकसान
पिछले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सभी आयातित स्टील और एल्युमीनियम पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का फैसला किया, जिससे ब्रिटिश स्टील को बड़ा नुकसान पहुंचा है। हालांकि, ब्रिटिश पीएम स्टार्मर ने ट्रंप के टैरिफ पर नाराजगी जताई है, लेकिन उन्होंने जवाबी कार्रवाई नहीं की। स्टार्मर इस टैरिफ को हटवाने के लिए बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं।
स्कनथॉर्प प्लांट में करीब 2,700 श्रमिक काम करते हैं। अब यह फैक्ट्री जल्द ही दो विशाल ब्लास्ट फर्नेस में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल (लोहे के छर्रों) से खाली हो सकती है, क्योंकि जिंगे ने आवश्यक कच्चे माल के नए ऑर्डर देना बंद कर दिया है। वहीं, श्रमिक यूनियों ने सरकार से मदद की मांग की है।

