31 C
Mumbai
Friday, March 20, 2026
No menu items!

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

मदद की उम्मीद के बीच भारत को मिला ईरान का साथ; कहा- जो हो पाएगा, करेंगे

Array

यमन में एक युवक की हत्या के मामले में भारतीय मूल की नर्स निमिषा प्रिया को मौत की सजा सुनाई गई है। उन्हें एक महीने में फांसी दी जानी है। निमिषा की सजा माफ कराने के लिए भारत सरकार ने कोशिशें तेज कर दी हैं। इस मामले में केंद्र सरकार यमन की सरकार से बात कर सकती है। इस बीच भारत को ईरान का समर्थन मिला। एक ईरानी अधिकारी ने आश्वासन दिया कि मानवीय आधार पर उनसे जो कुछ हो पाएगा, वे करने को तैयार हैं।

ईरानी अधिकारी ने कहा, “मानवीय आधार पर हमसे जो कुछ हो सकेगा, हम वो करेंगे।” बता दें कि केरल के पलक्कड़ जिले के कोलेंगोडे की रहने वाली नर्स निमिषा प्रिया 2008 में अपने माता-पिता की मदद से यमन गईं थी। यहां उन्होंने कई अस्पतालों में काम किया। 2011 में वह भारत आई थी और शादी के बाद 2012 में निमिषा अपने पति के साथ एकबार फिर यमन चली गई। यमन की राजधानी सना में निमिषा ने फिर से नर्स का काम शुरू किया। इस बीच उन्होंने एक बेटे को भी जन्म दिया। साल 2014 में आर्थिक तंगी के कारण निमिषा का पति बेटे को लेकर वापस केरल चला गया। इसी वक्त यमन में गृह युद्ध शुरू हो गया और वीजा मिलने में रोक लग गई, जिसके कारण निमिषा का पति वापस यमन नहीं जा सका।

क्या है मामला
निमिषा प्रिया यमन में अपना क्लीनिक खोलना चाहती थीं। यमन के नियमों के मुताबिक वहां कोई भी व्यवसाय शुरू करने के लिए स्थानीय लोगों के साथ साझेदारी जरूरी है। इसलिए 2014 में निमिषा यमन के नागरिक तलाल अब्दो माहदी के संपर्क में आईं। इसके बाद 2015 में निमिषा ने माहदी के साथ साझेदारी में क्लीनिक खोला। क्लीनिक खोलने के कुछ समय बाद 2015 में निमिषा एक महीने के लिए केरल आई। निमिषा के साथ माहदी भी आया था। इस दौरान माहदी ने उसके घर से निमिषा की शादी की तस्वीर चुरा ली। इस तस्वीर में छेड़छाड़ करके माहदी ने खुद को निमिषा का पति होने का दावा किया। साथ ही उसने क्लीनिक के दस्तावेजों में भी हेराफेरी की। वह निमिषा को अपनी पत्नी बताकर उसकी मासिक आय से पैसे भी लेने लगा।

दवा के ओवरडोज से हुई मौत
माहदी निमिषा को प्रताड़ित करता था। निमिषा ने आरोप लगाया था कि माहदी उसे और उसके परिवार को परेशान करने लगा। उसने निमिषा का पासपोर्ट भी जब्त कर लिया था। पासपोर्ट वापस लेने के लिए निमिषा ने माहदी को बेहोशी का इंजेक्शन लगाया। माहदी नशे का आदी था, इसलिए उस पर इंजेक्शन का असर नहीं हुआ। इसके बाद निमिषा ने उसको ज्यादा दवा दे दी। दवा के ओवरडोज से माहदी की मौत हो गई। इसके बाद यमन से भागने की कोशिश करते समय निमिषा को गिरफ्तार किया गया।

यमन राष्ट्रपति ने सजा को दी मंजूरी
2018 में निमिषा को हत्या का दोषी ठहराया गया। 2020 में सना की एक ट्रायल कोर्ट ने उसे मौत की सजा सुनाई। यमन की सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2023 में फैसले को बरकरार रखा, लेकिन ब्लड मनी का विकल्प खुला रखा। ब्लड मनी पीड़ित के परिवार द्वारा तय किया जाने वाला मुआवजा है। उन्होंने ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ यमन के सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन 2023 में उनकी अपील खारिज कर दी गई। अब निमिषा की सजा को राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी है।

ताजा खबर - (Latest News)

Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here