महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र 3 मार्च से शुरू होने जा रहा है। नई सरकार के गठन के बाद यह पहला बजट सत्र होगा, जिसके हंगामेदार होने की संभावना जताई जा रही है। महायुति गठबंधन में दरार की अटकलों के बीच रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
तीनों नेताओं ने एकजुटता का संदेश दिया
इस प्रेस वार्ता में तीनों दलों (भाजपा, शिवसेना-शिंदे गुट और एनसीपी-अजित पवार गुट) के शीर्ष नेताओं ने एकजुटता का संदेश दिया और दावा किया कि गठबंधन में कोई फूट नहीं है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, “महायुति सरकार मजबूती से काम कर रही है और महाराष्ट्र के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
पत्रकारों के सवालों पर क्या बोले नेता?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों ने गठबंधन में दरार और आगामी लोकसभा चुनाव में रणनीति को लेकर कई सवाल पूछे। इस पर एकनाथ शिंदे ने कहा कि गठबंधन मजबूत है और किसी भी तरह के विवाद की कोई गुंजाइश नहीं है। वहीं, अजित पवार ने कहा कि “हमारी प्राथमिकता जनता की भलाई और विकास कार्यों को गति देना है।”
हल्के-फुल्के माहौल के भी दिखे दृश्य
संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान कई बार हल्के-फुल्के और मज़ाकिया पल भी देखने को मिले। नेताओं के बीच आपसी तालमेल और सकारात्मक बातचीत ने यह संकेत दिया कि महायुति सरकार फिलहाल किसी भी आंतरिक संकट से मुक्त है।
बजट सत्र के अहम मुद्दे
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बजट सत्र में कृषि, बुनियादी ढांचे, रोजगार, उद्योग और लोक कल्याण योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विपक्ष भी सरकार को महंगाई, बेरोजगारी और किसानों से जुड़े मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है।
महायुति की चुनावी रणनीति पर चर्चा
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि लोकसभा चुनाव 2024 को ध्यान में रखते हुए महायुति सरकार कुछ बड़े ऐलान कर सकती है। ऐसे में यह बजट सत्र सिर्फ नीतिगत फैसलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चुनावी रणनीति का भी संकेत देगा।
सरकार की प्राथमिकताओं और विपक्ष की रणनीति को देखते हुए यह बजट सत्र काफी दिलचस्प और सियासी उठापटक से भरपूर रहने वाला है।

