सीरिया में पांच दशकों से चला आ रहा बशर अल असद और उनके परिवार का शासन खत्म हो गया है। दिसंबर के शुरुआती दिनों में हुए तख्तापलट में विद्रोही समूहों ने सत्ता पर कब्जा कर लिया। इस राजनीतिक उथल-पुथल के बाद बशर अल असद अपने करीबी सहयोगियों के साथ देश छोड़कर भाग गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बशर अल असद रूस में शरण लिए हुए हैं।
बशर का देश छोड़ना
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बशर अल असद 8 दिसंबर को सीरिया के तट पर स्थित रूसी एयरफील्ड से मॉस्को के लिए रवाना हुए। उनके साथ केवल दो करीबी सहयोगी, राष्ट्रपति मामलों के महासचिव मंसूर आजम और आर्थिक सलाहकार यासर इब्राहिम, मौजूद थे। यासर इब्राहिम बशर और उनकी पत्नी की संपत्ति का प्रबंधन करते थे।
परिवार और करीबी सहयोगी भी हुए प्रभावित
बशर के भाई माहेर अल असद, जो सेना की एलीट चौथी डिवीजन के कमांडर थे, भी देश छोड़ चुके हैं। हालांकि, बशर ने अपनी भागने की योजना के बारे में माहेर को कोई जानकारी नहीं दी। माहेर इराक के रास्ते रूस पहुंचे। बशर के अन्य करीबी, जैसे राजनीतिक सलाहकार बौथेना शाबान और उनकी पार्टी के सैन्य विंग के प्रमुख किफाह मुजाहिद, लेबनान भागने में सफल रहे।
हमलों में मारे गए करीबी
देश से भागने की कोशिश के दौरान बशर के चचेरे भाई और प्रमुख उद्योगपति इहाब मखलूफ मारे गए। उनके बड़े भाई रामी मखलूफ घायल होने के बावजूद सीरिया से निकलने में कामयाब रहे और अब वे यूएई में शरण लिए हुए हैं।
विद्रोही सत्ता पर काबिज
विद्रोही समूहों ने सत्ता अपने हाथ में ले ली है। हालांकि, नए नेतृत्व की संरचना और दिशा को लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है। विद्रोहियों ने सीरिया में स्थिरता और शांति लाने का वादा किया है, लेकिन देश के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
सीरिया में विद्रोह और तख्तापलट के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं। अमेरिका, रूस, और अन्य वैश्विक शक्तियां स्थिति पर करीब से नजर रख रही हैं। पश्चिमी देशों ने बशर शासन के कई अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी कर रखा है, जिससे भागे हुए अधिकारियों का भविष्य भी अनिश्चित है।
इस तख्तापलट के साथ ही सीरिया में नया अध्याय शुरू हो गया है, लेकिन यह देखना बाकी है कि विद्रोही नेतृत्व देश को कैसे स्थिरता और विकास की ओर ले जाता है।

