रवींद्र सदन में भव्य स्वागत के साथ पुस्तक ‘आत्मजीवनी समग्र’ का विमोचन; नसरीन बोलीं—’कांटेदार तार भूगोल बांट सकते हैं, भाषा नहीं’
कोलकाता:
बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका और प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता तस्लीमा नसरीन पूरे 19 साल के लंबे इंतजार के बाद शनिवार को कोलकाता पहुंचीं। रवींद्र सदन में ‘सेक्युलर मिशन’, ‘ह्यूमन राइट्स एंड बांग्लादेश फ्रीडम फाइटर्स फाउंडेशन’ (HRBFF) और ‘पश्चिमबंगेर जन्नो’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उनका नागरिक अभिनंदन किया गया और उनकी नई पुस्तक ‘आत्मजीवनी समग्र’ का विमोचन भी हुआ।
इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
‘यूरोप ने जगह दी, पर दो बंगाल में छोटी जगह न मिली’
रवींद्र सदन में जुटी भारी भीड़ और प्रशंसकों के स्नेह से भावुक होकर तस्लीमा नसरीन ने कहा:
- घर वापसी का अहसास: “19 साल बाद कोलकाता लौटकर ऐसा लग रहा है जैसे जिंदगी का छूटा हुआ हिस्सा वापस मिल गया। यूरोप ने मुझे नागरिकता और रहने की जगह दी, लेकिन दुख की बात है कि मैं दो बंगाल (पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश) में अपने लिए एक छोटी-सी जगह भी नहीं पा सकी।”
- अभिव्यक्ति की आजादी और महिलाओं के अधिकार: तस्लीमा ने स्पष्ट किया कि वे किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में बोलने नहीं आई हैं, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी, धर्मनिरपेक्षता और महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ रही हैं।
- कट्टरपंथ पर प्रहार: उन्होंने कहा कि उन्हें किसी अदालत ने कभी दोषी नहीं ठहराया, बल्कि कट्टरपंथियों के दबाव के कारण देश छोड़ना पड़ा। “धर्म के सम्मान से बड़ा मनुष्य का सम्मान है।”
‘बार-बार आएं, सुरक्षा की जिम्मेदारी मेरी’ — शुभेंदु अधिकारी
कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तस्लीमा नसरीन का बंगाल में स्वागत किया और कहा:
- अभिव्यक्ति का अधिकार: “पश्चिम बंगाल में अब डर और ‘धमकी की संस्कृति’ के दिन खत्म हो चुके हैं। नई सरकार में हर व्यक्ति को अपनी बात कहने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का पूर्ण अधिकार मिलेगा।”
- सुरक्षा का भरोसा: मुख्यमंत्री ने तस्लीमा से बार-बार बंगाल आने का आग्रह किया और आश्वासन दिया कि उनकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता कुणाल घोष ने तस्लीमा की वापसी पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे प्रशासनिक फैसला करार दिया और इस पर किसी भी राजनीतिक टिप्पणी से इंकार कर दिया।

