अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने आखिरकार 9/11 हमलों के मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद की दोषी याचिका समझौते को अस्थायी रूप से रोकने में सफलता हासिल कर ली है। इसके तहत अब वो मामला पूरी तरह से रुक गया, जो मोहम्मद को अल-कायदा द्वारा 2001 में अमेरिका पर किए गए हमलों के लिए मौत की सजा से बचा सकता था। बाइडन प्रशासन के वकीलों ने संघीय अपील पैनल से क्यूबा के ग्वांतानामो बे में मोहम्मद की दोषी याचिका की सुनवाई को रोकने का आग्रह किया था।
इस मामले में बाइडन प्रशासन के आग्रह पर संघीय अपील पैनल ने गुरुवार शाम को अस्थायी रोक पर अपनी सहमति दे दी। हालांकि अपील पैनल ने यह भी कहा कि ये रोक तभी तक रहेगी जब तक सरकार के अनुरोध में तर्कों पर पूरी तरह से विचार करने में समय लगेगा। और इसे अंतिम निर्णय नहीं माना जाना चाहिए।
बता दें कि यह याचिका समझौता दो सालों से चल रहा था और जुलाई में इसे पेंटागन के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंजूरी दी थी। अगर यह सौदा लागू होता, तो मोहम्मद और उसके दो सह-आरोपियों को मृत्युदंड के खतरे से बचाया जाता। हालांकि, बचाव पक्ष का कहना था कि यह समझौता पहले ही प्रभावी है और इसके रद्द होने का कोई कानूनी कारण नहीं है।
इससे पहले, अमेरिका में 9/11 हमलों के मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद के वकील ने एक संघीय अपीली अदालत से आग्रह किया था कि वह उनके मुवक्किल की तरफ से शुक्रवार को ग्वांतानामो बे, क्यूबा में किए जाने वाले दोषी बयान को मंजूरी दे। खालिद शेख मोहम्मद के वकीलों ने बुधवार देर रात एक याचिका में कहा कि रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन का यह प्रयास कि वह खुद की तरफ से स्वीकृत और सेना की तरफ से किए गए सौदे को रद्द करें, यह दर्शाता है कि अमेरिका की सरकार और सेना ने पिछले दो दशकों में इस मामले को ‘असावधानी’ से और ‘लापरवाह’ तरीके से संभाला है।
अपना अपराध स्वीकार करने को तैयार खालिद शेख मोहम्मद
खालिद शेख मोहम्मद शुक्रवार सुबह 9/11 हमलों में अपना अपराध स्वीकार करने के लिए तैयार हैं, जिसमें 19 अल-कायदा के हाइजैकर्स ने विमानों को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन से टकराया और एक अन्य विमान पेंसिल्वेनिया के एक खेत में गिरा, जिससे लगभग 3,000 लोग मारे गए। कुछ पीड़ितों के परिवार सदस्य ग्वांतानामो में इस समय मौजूद हैं।
यह है मामला
11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए आतंकी हमले में 3000 के करीब लोगों की मौत हुई थी और इस आतंकी हमले ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था। अपहरणकर्ताओं ने पहले दो विमानों को न्यूयॉर्क शहर में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावरों से टकराया और तीसरे विमान को वर्जीनिया के अर्लिंग्टन में पेंटागन से टकराया। चौथे विमान को वॉशिंगटन डीसी में एक संघीय सरकारी इमारत को टक्कर मारनी थी, लेकिन वह एक खेत में गिर गया था। इस हमले के आरोपी खालिद शेख मोहम्मद और उसके दो साथी वालिद बिन अताश और मुस्तफा अल-हौसावी को मौत की सजा सुनाई गई है। 11 सितंबर के आतंकी हमले के पांच साजिशकर्ता ग्वांतेनामो बे जेल में बंद हैं।
कुछ महीने पहले अमेरिकी अभियोजकों ने 09/11 के मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद के साथ एक समझौता किया था। इस समझौते के तहत अमेरिका मास्टरमाइंड खालिद शेख द्वारा आरोप स्वीकार करने के बदले मौत की सजा खत्म करने को तैयार है। इस समझौते का हमले के पीड़ितों ने विरोध किया तो रक्षा सचिव लॉयड आस्टिन ने समझौते को रद्द कर दिया था। इस पर आरोपियों के वकीलों का कहना है कि याचिका समझौते को रक्षा सचिव ऑस्टिन के अपने अधिकारियों और सैन्य अभियोजकों ने अनुमोदित किया गया था और उनका न्याय प्रणाली में गैरकानूनी राजनीतिक हस्तक्षेप था।
इसे लेकर अपील अदालत ने फैसला सुनाया था कि ऑस्टिन भविष्य में होने वाले प्री-ट्रायल समझौतों को सीमित कर सकते हैं, लेकिन उनके पास पहले से स्वीकृत समझौतों को रद्द करने का अधिकार नहीं है। अदालत ने कहा कि प्रतिवादियों द्वारा अपराध स्वीकार करने से किसी भी नए मुकदमे की संभावना कम हो जाएगी।
मृतकों के परिजनों में मतभेद
सरकार और आरोपियों के बीच हुए समझौते को लेकर मृतकों के परिजनों में भी मतभेद है। कुछ लोगों ने समझौते को सही ठहराया है। जबकि कुछ ने मुकदमे की मांग की और उन्हें उम्मीद है आरोपियों को फांसी दी जाएगी। कुछ परिवार के सदस्यों और रिपब्लिकन सांसदों ने इस समझौते के लिए बाइडन प्रशासन की निंदा की।

