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इस्राइल ने नकारे गाजा में पानी की आपूर्ति रोकने के आरोप, कहा- हम यूनिसेफ के साथ मिलकर काम कर रहे

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गाजा को स्वच्छ पानी न देने के आरोपों पर इस्राइल ने जवाब दिया है। इस्राइल के यूहिदया, सामरिया और गाजा पट्टी क्षेत्र में सरकारी गतिविधियों के समन्वय के लिए जिम्मेदार इकाई सीओजीएटी (COGAT) ने कहा है कि गाजा के लोगों तक पानी पहुंचाने के लिए इस्राइल यूनिसेफ के साथ मिलकर काम कर रहा है। एक्स पर पोस्ट में एक वीडियो साझा करते हुए सीओजीएटी ने खान यूनिस में लगा यूनिसेफ का जल अलवणीकरण संयंत्र दिखाया। 

एक्स पोस्ट में उसने लिखा कि यह यूनिसेफ का खान यूनिस में जल अलवणीकरण संयंत्र है। इस्राइल ने सुविधा के लिए यहां बिजली लाइन की मरम्मत कराई। ताकि यह पूरी क्षमता से काम कर सके और क्षेत्र के निवासियों को पानी उपलब्ध करा सके। पूरी क्षमता से काम करने पर यह संयंत्र प्रतिदिन 20,000 क्यूबिक मीटर पानी उपलब्ध कराता है।

सीओजीएटी ने कहा कि हमारा मानवीय मूल्यांकन दल गाजा के सभी क्षेत्रों में मानवीय स्थिति की निगरानी करता है। इसमें पानी भी शामिल है। इस्राइल से तीन पानी की लाइनें सक्रिय हैं, जो उत्तरी गाजा में प्रति व्यक्ति औसतन 107 लीटर, मध्य गाजा में प्रति व्यक्ति 34 लीटर और दक्षिणी गाजा में प्रति व्यक्ति 20 लीटर पानी की आपूर्ति करती हैं। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार संघर्ष क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 15 लीटर पानी की आवश्यकता होती है। इस्राइल की ओर से आपूर्ति किए गए पानी की मात्रा इससे कहीं ज्यादा है। 

पोस्ट में लिखा गया कि इस्राइल ने उत्तरी और दक्षिणी गाजा दोनों में सैकड़ों जल अवसंरचना में मरम्मत की सुविधा प्रदान की है। इस्राइल की ओर से गाजा जाने वाली पानी की लाइनों को भी ठीक किया गया है। जिसे हमास ने क्षतिग्रस्त कर दिया था। इनमें से कुछ मरम्मतें गोलीबारी के दौरान की गईं। इस्राइल ने ‘केला’ बिजली लाइन (जिसे 7 अक्तूबर को हमास ने भी क्षतिग्रस्त कर दिया था) की मरम्मत कराई। हमने पानी पंपिंग सुविधाओं में ईंधन भरने का समन्वय किया। हम अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार काम करते हैं। 

इससे पहले ह्यूमन राइट्स वॉच ने आरोप लगाया था कि इस्राइल ने गाजा में फलस्तीनियों को स्वच्छ पानी न देकर नरसंहार जैसा कृत्य किया है। उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस्राइल पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। इसे लेकर संस्था ने 184 पन्नों की रिपोर्ट दी थी। 

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