सिख संगठनों की मांग के बावजूद सरकार ने कहा—’श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, स्थिति अनुकूल होने तक बंद रहेगी यात्रा’
नई दिल्ली:
सिख श्रद्धालुओं की लंबे समय से चली आ रही मांगों और ज्ञापनों के बावजूद श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर (Kartarpur Sahib Corridor) का संचालन फिलहाल शुरू नहीं होगा। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में स्पष्ट किया कि सुरक्षा परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए कॉरिडोर का निलंबन (Suspension) जारी रहेगा।
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने संसद में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।
‘धार्मिक भावनाओं का सम्मान, लेकिन सुरक्षा सर्वोपरि’
विदेश राज्य मंत्री ने सदन को बताया कि सरकार को सिख समुदाय के नेताओं, सांसदों, धार्मिक संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों से करतारपुर कॉरिडोर को जल्द से जल्द दोबारा खोलने के लिए कई अनुरोध प्राप्त हुए हैं:
- महत्व स्वीकार्य: सरकार श्रद्धालुओं के लिए गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर के महान धार्मिक और भावनात्मक महत्व से पूरी तरह अवगत है।
- सुरक्षा स्थिति अनुकूल नहीं: विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों की समीक्षा के बाद सरकार फिलहाल इस कॉरिडोर का संचालन फिर से शुरू करने की स्थिति में नहीं है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
क्यों और कब निलंबित की गई थी यात्रा?
- समझौता और विस्तार: भारत और पाकिस्तान के बीच 24 अक्टूबर 2019 को गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। अक्टूबर 2024 में इस समझौते को अगले 5 वर्षों के लिए बढ़ाया भी गया था।
- सुरक्षा समीक्षा के बाद निलंबन: पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद देश की सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति की नए सिरे से समीक्षा की थी। इसके बाद 7 मई 2025 से श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर की यात्रा सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई थीं।
सरकार ने दोहराया कि जब तक सीमा पार की सुरक्षा स्थिति अनुकूल और जोखिम मुक्त नहीं हो जाती, तब तक कॉरिडोर को फिर से खोलने का कोई विचार नहीं है।

