‘जो शब्द मैंने कहे ही नहीं, उनके लिए गिरफ्तार किया गया’; कावेरी मुद्दे पर प्रदर्शन के दौरान दिया था भाषण
तंजावुर:
तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी और उसके कुछ ही घंटों बाद हुई रिहाई को लेकर राज्य में सियासी पारा चढ़ गया है। कावेरी जल विवाद को लेकर तंजावुर में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था।
चेन्नई स्थित उनके आवास से हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस उन्हें तंजावुर के पास सेंगिपट्टी पुलिस स्टेशन ले गई। करीब एक घंटे की पूछताछ और लगभग 9 घंटे की हिरासत के बाद मद्रास हाईकोर्ट में राज्य सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन के तहत उन्हें स्टेशन बेल (ज़मानत) पर रिहा कर दिया गया।
रिहाई के बाद उदयनिधि स्टालिन के बड़े दावे
रिहा होने के बाद डीएमके कार्यकर्ताओं के भारी समर्थन के बीच उदयनिधि स्टालिन ने राज्य सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर तीखे सवाल खड़े किए:
- ‘संपादित (Edited) वीडियो का सहारा लिया’: उदयनिधि ने दावा किया कि उनके 25 मिनट के भाषण का एडिटेड वीडियो बनाकर फर्जी दुष्प्रचार किया गया। उन्होंने कहा, “मैंने पुलिस का पूरा सहयोग किया, लेकिन जिन शब्दों का प्रयोग मैंने अपने भाषण में कभी किया ही नहीं, उनके आधार पर मुझे गिरफ्तार किया गया।”
- विधानसभा सत्र से ध्यान भटकाने की साजिश: उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी विधानसभा सत्र में कावेरी मुद्दे और किसानों की समस्याओं पर होने वाली बहस से जनता का ध्यान भटकाने के लिए यह कार्रवाई की गई है।
- राजनीतिक विरोध की चेतावनी: उदयनिधि ने कहा कि वे पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के पोते और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के बेटे हैं। वे इस तरह की डराने वाली कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे और कानूनी व राजनीतिक दोनों स्तरों पर लड़ाई लड़ेंगे।
कावेरी मुद्दे और भाषण की मुख्य बातें
| मुद्दा | उदयनिधि स्टालिन का रुख / दावा |
| मेकेदातु बांध विवाद | उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार मेकेदातु परियोजना पर आगे बढ़ रही है और उसने सर्वदलीय बैठक बुलाकर सहमति भी बना ली है। |
| पानी का आवंटन | कर्नाटक द्वारा तमिलनाडु के हिस्से का कावेरी पानी न छोड़ने का मुद्दा उन्होंने पुरजोर ढंग से उठाया। |
| किसानों के वादे | उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की मौजूदा सरकार किसानों से किए गए चुनावी वादों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है। |
मामले का राजनीतिक प्रभाव
उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी के बाद सेंगिपट्टी पुलिस स्टेशन के बाहर डीएमके समर्थकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। फिलहाल मामले की जांच जारी है, लेकिन विपक्ष (डीएमके) द्वारा इसे ‘राजनीतिक बदले की भावना’ करार दिए जाने से तमिलनाडु की राजनीति में यह विवाद और अधिक तूल पकड़ता नजर आ रहा है।

