काफिला रोकने के आरोपी अनिल कुमार से किसी भी निजी संबंध से किया इनकार, पुलिस कर रही जांच
तिरुवनंतपुरम: केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने बुधवार को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया कि उन्होंने दो सप्ताह पूर्व चेंथी में आयोजित श्री नारायण जयंती कार्यक्रम में शामिल होने का फैसला क्यों वापस लिया था। उन्होंने बताया कि स्थानीय कार्यकर्ताओं ने उन्हें आयोजक की संदिग्ध पृष्ठभूमि की जानकारी दी थी, जिसके बाद पुलिस रिपोर्ट में भी उसके आपराधिक रिकॉर्ड की पुष्टि हुई। पद की गरिमा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कार्यक्रम में न जाने का निर्णय लिया।
काफिला रोके जाने और विवाद पर दी सफाई मुख्यमंत्री ने रास्ते में हुई घटना का ब्योरा देते हुए कहा कि वह चेम्पाझंथी जा रहे थे, तभी मार्ग में पार्टी कार्यकर्ताओं को देखकर वे स्वयं गाड़ी से नीचे उतरे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी ने जबरन उनका रास्ता नहीं रोका था। जब उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करने को कहा गया, तभी संबंधित व्यक्ति (अनिल कुमार) ने उनसे अनुचित ढंग से बात की। किसी भी विवाद से बचने के लिए वे तुरंत वहां से लौट गए, जिसके बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया।
अनिल कुमार से व्यक्तिगत पहचान से इनकार सतीशन ने तिरुवनंतपुरम जिला कांग्रेस समिति (डीसीसी) से जुड़े अनिल कुमार के साथ किसी भी प्रकार के निजी परिचय से साफ इनकार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल अनिल की दिवंगत पत्नी को जानते थे, जो पूर्व पार्षद थीं। उनके निधन के समय वे शोक व्यक्त करने उनके आवास गए थे।
गौरतलब है कि अनिल कुमार को पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री के आधिकारिक काफिले को कथित रूप से बाधित करने और अपने कार्यक्रम में जबरन शामिल कराने का दबाव बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। सतीशन ने कहा कि चूंकि पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है, इसलिए वे इस पर आगे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।

