बिजॉयगढ़ और बाघा जतिन में उपद्रव, सीपीआईएम शहीद स्मारक को भी नुकसान, भाजपा ने आरोपों को नकारा
कोलकाता: दक्षिण कोलकाता के जादवपुर इलाके में शनिवार देर रात भीषण राजनीतिक हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। उपद्रवियों ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक स्थानीय कार्यालय, पूर्व विधायक, पूर्व पार्षद के आवासों और यहां तक कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआईएम) के एक शहीद स्मारक को निशाना बनाया। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में गहरा राजनीतिक तनाव फैल गया है। टीएमसी और वामपंथी दलों ने संयुक्त रूप से आरोप लगाते हुए इस हिंसा के पीछे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं का हाथ बताया है, जबकि भाजपा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे सत्तारूढ़ दल की अंदरूनी कलह का नतीजा करार दिया है।
घटनाक्रम के अनुसार, बिजॉयगढ़ स्थित पूर्व जादवपुर विधायक देबब्रत मजूमदार के आवास पर अचानक हमला किया गया। इसके अतिरिक्त पूर्व टीएमसी पार्षद बसुंधरा गोस्वामी के घर को भी निशाना बनाया गया। उपद्रवियों ने बाघा जतिन इलाके में स्थित टीएमसी के पार्टी कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की और आनंदपल्ली क्षेत्र में टीएमसी के झंडे फाड़ने के साथ सीपीआईएम के शहीद स्मारक को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर हालात पर नियंत्रण पाया।
पूर्व विधायक देबब्रत मजूमदार ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि देर रात करीब 100 से 150 लोगों का एक उग्र समूह मोटरसाइकिलों पर सवार होकर बिजॉयगढ़ पहुंचा था। मजूमदार के अनुसार, इस भीड़ में हाल ही में भाजपा में शामिल हुए बाहरी असामाजिक तत्व मौजूद थे, जिनमें से कई के पास घातक हथियार थे। आरोप है कि समूह ने उनके घर पर पथराव किया और खिड़कियों के शीशे तोड़ डाले। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इन आरोपों की आधिकारिक व स्वतंत्र जांच की जा रही है और इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

