30 C
Mumbai
Monday, March 23, 2026
No menu items!

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

उधर किसान आंदोलन पर डटे, इधर अवैध खरीदी केंद्र बनाकर लोग सादी पर्ची पर धान खरीदी में जुटे

Array
बिना भुगतान 26000 क्विंटल किया माल जमा, किसान दर-दर रहे भटक…!‍‍‍‍!

भोपाल : केन्द्र सरकार भले ही लाख दावे करे या किसानों को नये कृषि कानूनों के फायदे गिनाने में व्यस्त है किन्तु जमीनी हकीकत इकसे बिल्कुल उलट है। मध्य प्रदेश में कई स्थानों से केन्द्र के नये कानूनों के बाद भी किसानों से ठगी और उचित दाम न मिलने के मामले सामने आ रहे है। इसी तरह का जबलपुर में बड़ा मामला सामने आया है जहां पर 26000 क्विंटल की धान निजी खरीद केन्द्र बनाकर खरीद लिया गया और अब भुगतान के लिए किसान भटक रहे है।

किसानों की उपज खरीदी का खेल इस केन्द्र पर सादे कागज पर चल रहा था। इसका खुलासा तब हुआ जब अधिकारी जबलपुर के पाटन तहसील अंतर्गत सिमरा गांव में संचालित गणपति वेयर हाउस पहुंचे। अब इसके संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश पाटन तहसील में दिए गए हैं।

सिमरा गांव स्थित इस गणपति वेयर हाउस में धान खरीदी वृहत्ताकार सेवा सहकारी समिति नुनसर द्वारा की जा रही थी। जबकि इस बार उपार्जन केंद्र इस वेयर हाउस को बनाया ही नहीं गया है। आपूर्ति नियंत्रक प्रभारी के मुताबिक वृहत्ताकार सेवा सहकारी समिति का संचालन बिना अनुमति के प्रबंधक गंधर्व सिंह द्वारा किया जा रहा है। एसडीएम पाटन और एसडीएम जबलपुर नम:शिवाय अरजरिया जब मौके पर जिला विपणन अधिकारी के साथ निरीक्षण करने पहुंचे तो वो ये सब देख दंग रह गए।

इस केन्द्र पर किसानों से धान की खरीदी कर वेयर हाउस के भीतर रखा जा रहा था। लेकिन पर्ची एक भी किसान को जारी नहीं की जा रही थी। इसके बदले में तौली गई धान की मात्रा एक सादे कागज पर लिखकर दी जा रही थी। अब इस धान को जब्त कर प्रशासन संबंधित खरीदी केंद्र को देने की कवायद में जुटी है, जिससे उनके उपज की कीमत मिल सके।

अभी तक किसी भी किसान को इस अवैध केन्द्र पर तौले गए धान का भुगतान भी नहीं हुआ है। किसानों को ओम साईं वेयर हाउस में धान लाने के एसएमएस अपनी उपज की तौल कराने के लिए भेजे गए थे। बावजूद इसके कि किसान कैसे इस केंद्र पर धान तौल कराने पहुंचते रहे, ये भी एक हैरानी की बड़ी वजह है।

ताजा खबर - (Latest News)

Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here