गोलाघाट और उदालगुड़ी में 2 नई मौतें; 133 राहत शिविरों में 45 हजार से ज्यादा लोग शरण लेने को मजबूर
गुवाहाटी:
असम में बाढ़ की स्थिति गुरुवार को भी अत्यंत गंभीर बनी रही। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) द्वारा जारी दैनिक बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में दो और लोगों की मौत दर्ज की गई, जिससे इस वर्ष बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं से जान गंवाने वालों का कुल आंकड़ा 97 तक पहुंच गया है।
वर्तमान में राज्य के 15 जिलों में 1,68,000 से अधिक नागरिक बाढ़ के प्रकोप से प्रभावित हैं।
गोलाघाट और शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित
प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान गोलाघाट और उदालगुड़ी जिलों में एक-एक व्यक्ति की जान गई है।
| जिला | प्रभावितों की अनुमानित संख्या | स्थिति / प्रभाव |
| गोलाघाट | ~54,000 लोग | सबसे अधिक प्रभावित जिला; नुमालीगढ़ में धांसिरी नदी खतरे के निशान से ऊपर। |
| शिवसागर | 49,000+ लोग | भारी जलभराव और बुनियादी ढांचे को नुकसान। |
| जोरहाट | ~27,000 लोग | निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित। |
इनके अलावा कामरूप महानगर, नगांव, कामरूप, दरांग, सोनितपुर, होजाई, लखीमपुर, बिस्वनाथ, चराइदेव, कार्बी आंगलोंग और धेमाजी सहित कुल 15 जिले बाढ़ की चपेट में हैं।
481 गांव जलमग्न, फसलों को भारी नुकसान
- विस्थापन और राहत कार्य: बाढ़ के कारण प्रभावित जिलों में 133 राहत शिविर और वितरण केंद्र चलाए जा रहे हैं, जहां करीब 45,000 विस्थापित लोगों को भोजन और आश्रय दिया जा रहा है।
- फसलों और बुनियादी ढांचे की स्थिति: राज्य के 481 गांव अब भी पानी में डूबे हुए हैं और 14,382 हेक्टेयर से अधिक फसल क्षेत्र पूरी तरह बर्बाद हो चुका है।
- पशुधन पर असर: एएसडीएमए के अनुसार, राज्यभर में 41,475 से अधिक घरेलू मवेशी और पोल्ट्री भी इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। कई जिलों में सड़कें, पुल, तटबंध और बुनियादी ढांचे बह गए हैं।

