कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में हुए बहुचर्चित भांगर बम विस्फोट मामले (Bhangar Bomb Blast Case) की कड़ियों को जोड़ने में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। एनआईए की विशेष जांच टीम ने गुरुवार (4 जून 2026) को राज्य के कई हिस्सों में एक साथ व्यापक तलाशी अभियान चलाते हुए मामले के तीसरे मुख्य आरोपी साइनूर मोल्ला को दबोच लिया है। इसके साथ ही केंद्रीय एजेंसी ने फरार चल रहे पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक साउकत मोल्ला के आवास सहित आठ (8) संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है।
तीसरी गिरफ्तारी: स्कॉर्पियो गाड़ी का ड्राइवर था साइनूर मोल्ला
जांच एजेंसी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किया गया तीसरा आरोपी साइनूर मोल्ला इस पूरी आपराधिक साजिश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। वह कथित तौर पर उस स्कॉर्पियो (Scorpio) वाहन का चालक था, जिसका इस्तेमाल बम विस्फोट के तुरंत बाद घटना को छिपाने, सबूतों को मिटाने और हताहतों को वहां से हटाने के लिए किया गया था। इस ताजा गिरफ्तारी के बाद भांगर ब्लास्ट केस में सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपियों की कुल संख्या अब तीन (3) हो गई है।
चुनाव से पहले बनाए जा रहे थे देसी बम; एक की हुई थी मौत
एनआईए द्वारा गृह मंत्रालय के निर्देश पर दर्ज की गई एफआईआर और जांच के मुताबिक, यह खौफनाक वारदात दक्षिण 24 परगना के दक्षिण बामुनिया गांव में बीते 19 मार्च को घटित हुई थी। आरोपी और उनके गुर्गे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने और हिंसा फैलाने के इरादे से एक गुप्त ठिकाने पर अवैध रूप से भारी मात्रा में देसी बम (Crude Bombs) तैयार कर रहे थे। इसी दौरान बारूद में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया, जिसमें बम बना रहे एक व्यक्ति की मौके पर ही परखच्चे उड़ने से मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
फरार पूर्व विधायक साउकत मोल्ला के ठिकानों पर छापेमारी, डिजिटल सबूत जब्त
साइनूर मोल्ला की गिरफ्तारी के साथ ही एनआईए ने गुरुवार को कुल 8 रणनीतिक ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। इसमें मामले के प्रमुख संदिग्ध और फिलहाल फरार चल रहे टीएमसी के पूर्व विधायक साउकत मोल्ला का पैतृक घर और उसके कई गुप्त ठिकाने शामिल थे।
इस हाई-प्रोफाइल तलाशी अभियान के दौरान एनआईए ने संदिग्ध परिसरों से कई आपत्तिजनक दस्तावेज, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। इन सभी जब्त सामग्रियों को कूटनीतिक और तकनीकी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए फॉरेंसिक लैब (FSL) भेज दिया गया है।
सबूत मिटाने और घायलों को छिपाने का था पूरा प्लान
एनआईए की तफ्तीश में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि धमाके के तुरंत बाद मुख्य साजिशकर्ताओं ने मामले को दबाने की कोशिश की थी। आरोपी साइनूर मोल्ला ने अपनी स्कॉर्पियो कार में मृतक और खून से लथपथ घायलों को लादा और पहले उन्हें गुपचुप तरीके से एक स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद पकड़े जाने के डर से उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर शिफ्ट कर एक निजी एम्बुलेंस के हवाले कर दिया गया। आपको बता दें कि उस एम्बुलेंस के ड्राइवर को एनआईए पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जो फिलहाल जेल में है। केंद्रीय एजेंसी अब फरार मास्टरमाइंड साउकत मोल्ला की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।

