पुणे/लोनावला: पुणे के प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित युवा बिल्डर केतन अग्रवाल हत्याकांड (Ketan Agrawal Murder Case) में हर दिन नए और रोंगटे खड़े कर देने वाले विधिक खुलासे हो रहे हैं। लोहगढ़ किले (Lohagad Fort) की गहरी खाई में केतन की गिरकर हुई मौत महज एक इत्तेफाक या हादसा नहीं थी, बल्कि उनकी मंगेतर और उसके प्रेमी द्वारा रची गई एक खौफनाक और सुनियोजित आपराधिक साजिश थी।
इस जघन्य विश्वासघात और कत्ल के विरोध में शनिवार (27 जून 2026) को पुणे के गहुंजे स्थित पीड़ित परिवार की सोसाइटी में एक विशाल कैंडल मार्च (Candlelight March) निकाला गया। इस मार्च में सैकड़ों स्थानीय नागरिक शामिल हुए, जिनकी आंखें नम थीं और वे आरोपियों को सख्त से सख्त विधिक सजा देने की मांग कर रहे थे।
1. “खानदान की बदनामी के डर से केतन को रास्ते से हटाया” — सिया गोयल
पुलिस कस्टडी में रिमांड पर चल रही 20 वर्षीय मुख्य आरोपी सिया गोयल ने पूछताछ के दौरान पुलिस के समक्ष अपना विधिक व आपराधिक जुर्म कबूल कर लिया है। उसके बयान के अनुसार, इस हत्या के पीछे की वजह पारिवारिक प्रतिष्ठा का झूठा डर था:
- शादी तोड़ने का डर: सिया ने जांच अधिकारियों को बताया कि वह अपने परिवार की मर्जी और सामाजिक दबाव के खिलाफ जाकर केतन से होने वाली शादी को खुद नहीं तोड़ना चाहती थी। उसे डर था कि ऐन वक्त पर शादी रद्द करने से दोनों परिवारों की भारी बदनामी होगी और उसके माता-पिता के अरमान टूट जाएंगे।
- हत्या की खौफनाक साजिश: सिया को लगा कि शादी तोड़ने और बदनामी झेलने से कहीं ज्यादा आसान केतन को हमेशा के लिए रास्ते से हटा देना है। इसी साजिश के तहत 18 जून 2026 को ट्रेकिंग के बहाने केतन को लोनावला के पास स्थित लोहगढ़ फोर्ट ले जाया गया। किले के शीर्ष पर जैसे ही सुनसान मौका मिला, सिया के विधिक इशारे पर उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने केतन को पीछे से गहरी और पथरीली खाई में धक्का दे दिया।
2. पीड़ित परिवार की विधिक अपील और सीएम फडणवीस का आश्वासन
इस घटना के बाद अग्रवाल परिवार पूरी तरह टूट चुका है। केतन के बुजुर्ग दादा देवीचंद अग्रवाल ने रोते हुए कहा कि जिस परिवार को वे वर्षों से जानते थे, उसी के सदस्यों ने उनके साथ इतना बड़ा विधिक व मानवीय विश्वासघात किया।
पिता की चश्मदीदों से अपील और विधिक कड़ियां:
- फांसी की मांग: केतन के पिता विशाल अग्रवाल और माता ने मुख्यमंत्री से मिलकर दोनों मुख्य आरोपियों के लिए विधिक रूप से फांसी की सजा (Death Penalty) की मांग की है। इसके साथ ही, पिता ने लोहगढ़ फोर्ट पर मौजूद रहे अन्य पर्यटकों या चश्मदीदों से अपील की है कि वे डरें नहीं और पुलिस के सामने आकर अपनी विधिक गवाही दर्ज कराएं।
- परिजनों से लंबी पूछताछ: भिवंडी और पुणे पुलिस की टीमें इस विधिक साजिश की गहराई तक जाने के लिए सिया गोयल के माता-पिता और उसके भाई से 10 घंटे से अधिक की सघन पूछताछ कर चुकी हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस कत्ल की जानकारी परिवार के अन्य सदस्यों को पहले से थी या नहीं।
- विशेष लोक अभियोजक: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पीड़ित परिवार को त्वरित विधिक न्याय का पूरा भरोसा दिया है। सरकार ने देश के दिग्गज और प्रख्यात विधिक विशेषज्ञ वकील उज्ज्वल निकम को इस केस में ‘विशेष सरकारी वकील’ (Special Public Prosecutor) नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।
3. मामले का विधिक विश्लेषण (घटनाक्रम)
| तारीख (Date) | घटित विधिक व आपराधिक घटना | वर्तमान स्थिति / विधिक कार्रवाई |
|---|---|---|
| 18 जून 2026 | केतन अग्रवाल को लोहगढ़ किले की खाई में धकेला गया। | शुरुआत में ‘एक्सीडेंटल डेथ’ के रूप में मामला दर्ज हुआ था। |
| 26 जून 2026 | मुख्यमंत्री के निर्देश पर उज्ज्वल निकम विशेष सरकारी वकील नियुक्त हुए। | केस को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाने की तैयारी। |
| 27 जून 2026 | गहुंजे में कैंडल मार्च; मुख्य आरोपी सिया का कबूलनामा सामने आया। | सीआईडी और स्थानीय पुलिस फॉरेंसिक साक्ष्य जुटा रही है। |
| 29 जून 2026 | कोर्ट में रिमांड और कस्टडी को लेकर अगली विधिक सुनवाई होगी। | बचाव पक्ष न्यायिक हिरासत की मांग करेगा, जबकि पुलिस रिमांड बढ़ाना चाहेगी। |
पुलिस अब डिजिटल फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से सिया गोयल और चेतन चौधरी के मोबाइल चैट्स, कॉल डिटेल्स (CDR) और लोकेशन मैपिंग को विधिक साक्ष्य के रूप में अदालत के समक्ष पेश करने के लिए चार्जशीट तैयार कर रही है, ताकि भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत आरोपियों को उनके किए की विधिक और अधिकतम सजा दिलाई जा सके।

