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Saturday, June 15, 2024

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UN ने कहा, गाजा में इस्राइली बमबारी चिंताजनक, भड़के राजदूत की मांग- गुटेरेस इस्तीफा सौंपें

आतंकी संगठन- हमास के हमलों से बौखलाई इस्राइल की सेना पिछले 18 दिनों से गाजा पर लगातार बमबारी कर रही है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने मंगलवार को इसे बेहद चिंताजनक करार दिया। उन्होंने हमास शासित गाजा पट्टी पर “लगातार बमबारी” पर गहरी चिंता व्यक्त की। यूएन प्रमुख ने बात पर जोर दिया कि कोई भी पक्ष अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून से ऊपर नहीं है। गुटेरेस ने अपील की कि हिंसा और बढ़ने से पहले सभी पक्षों को युद्ध से पीछे हटना चाहिए।

गुटेरेस ने मध्य पूर्व सुरक्षा परिषद की मंत्रिस्तरीय बैठक में कहा, मध्य पूर्व में स्थिति समय के साथ और अधिक गंभीर होती जा रही है। गाजा में युद्ध उग्र हो रहा है। पूरे क्षेत्र में जोखिम बढ़ रहा है। समाज में विभाजन के कारण तनाव बढ़ने का खतरा है। उन्होंने कहा, संयुक्त राष्ट्र दिवस के महत्वपूर्ण मौके पर वह सभी से अपील करते हैं कि इससे पहले कि हिंसा और अधिक लोगों की जान ले, युद्ध से पीछे हट जाएं।

परिषद की अध्यक्षता ब्राजील के हाथ में हैं। बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, इस्राइल के विदेश मामलों के मंत्री एली कोहेन, फलस्तीन के विदेश मामलों और प्रवासी मंत्री रियाद अल-मलिकी, ब्राजील के विदेश मामलों के मंत्री मौरो विएरा और ने भाग लिया। फ्रांस की यूरोप और विदेश मामलों की मंत्री कैथरीन कोलोना सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।

यूएन चीफ के बयान पर भड़के इस्राइली विदेश मंत्री
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के बयान से भड़के इस्राइल के विदेश मंत्री ने सवाल किया कि आतंकी वारदात के खिलाफ इस्राइल की सैन्य कार्रवाई पर रोक और युद्धविराम की अपील करने वाले गुटेरेस किस दुनिया में रहते हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ इस्राइल की कार्रवाई को कई बड़े देशों से समर्थन हासिल है। यूएन चीफ के बयान से नाराज इस्राइली राजदूत गिलाद एर्दन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्था का नेतृत्व करने में गुटेरेस सक्षम नहीं है। उन्हें तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस्राइल की जनता और यहूदी लोगों के खिलाफ जघन्य अपराध करने वाले लोगों के साथ सहानुभूति रखने वाले यूएन महासचिव बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के नरसंहार के बावजूद नरमी दिखा रहे हैं।

बड़े देशों के मंत्रियों की मौजूदगी में यूएन प्रमुख गुटेरेस ने कहा कि वह गाजा में देखे जा रहे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के स्पष्ट उल्लंघन को लेकर बेहद चिंतित हैं। उन्होंने दोहराया, “मैं स्पष्ट कर दूं: सशस्त्र संघर्ष में कोई भी पक्ष अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून से ऊपर नहीं है।”

तत्काल मानवीय युद्धविराम की अपील दोहराते हुए, गुटेरेस ने कहा कि युद्ध के भी नियम होते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मांग करनी चाहिए कि सभी पक्ष अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत अपने दायित्वों का सम्मान करें। उन्होंने नागरिकों को बचाने के लिए सैन्य अभियानों के संचालन में निरंतर सावधानी बरतने की जरूरत पर भी जोर दिया। अस्पतालों का सम्मान और सुरक्षा करने की अपील करते हुए यूएन प्रमुख ने कहा, संयुक्त राष्ट्र के केंद्रों का सम्मान करें। इसकी मदद से छह लाख से अधिक फलस्तीनि लोगों को आश्रय दिया जा रहा है। 

गुटेरेस ने कहा, “इस्राइल की सेना गाजा पर लगातार बमबारी कर रही है। नागरिक हताहतों की संख्या और पड़ोस का भारी विनाश लगातार बढ़ रहा है। हालात बेहद चिंताजनक हैं। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी सशस्त्र संघर्ष में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

उन्होंने कहा, “नागरिकों की रक्षा करने का मतलब कभी भी उनका इस्तेमाल मानव ढाल के रूप में करना नहीं हो सकता है। नागरिकों की रक्षा करने का मतलब 10 लाख से अधिक लोगों को दक्षिणी इलाके खाली करने का आदेश देना भी नहीं है। ये ऐसा इलाका है जहां कोई आश्रय नहीं है, कोई ईंधन और भोजन-पानी नहीं है, दवा भी नहीं है। दयनीय हालात के बावजूद दक्षिण में ही बमबारी जारी है, जो काफी विचलित करने वाला है।

गुटेरेस की टिप्पणी इस्राइल के उस अल्टीमेटम के संदर्भ में थी जिसमें हमास के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर रहे देश ने कहा था कि गाजा में रहने वाले फलस्तीनी गाजा पट्टी के दक्षिणी इलाके में चले जाएं। बता दें कि हमास आतंकवादियों ने इस्राइल पर 7 अक्टूबर को हमला किया। इसके बाद से इस्राइल डिफेंस फोर्स (IDF) के जवान लगातार हमले कर रहे हैं।

गुटेरेस ने हमास के आतंकी हमले की भी कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा, इस्राइल में हमास के “भयानक और अभूतपूर्व” आतंकी कृत्यों के बीच यह भी पहचानना महत्वपूर्ण है कि हमास के हमले “शून्य में नहीं हुए”। उन्होंने कहा, फलस्तीन के लोग 56 वर्षों से दमघोंटू कब्जे का सामना कर रहे हैं। उन्होंने देखा है कि उनकी भूमि लगातार हड़पी जा रही है। हिंसा से त्रस्त इलाके में अर्थव्यवस्था ठप्प हो गई है। उनके लोग विस्थापित हो गए हैं। आशियाने ध्वस्त हो चुके हैं। उनकी दुर्दशा के राजनीतिक समाधान की उनकी उम्मीदें खत्म हो गई हैं। 

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख गुटेरेस ने साफ किया कि फलस्तीनी लोगों की शिकायतें हमास के भयावह हमलों को उचित नहीं ठहरा सकतीं। उन्होंने कहा कि हमलावर फलस्तीनी लोगों को सामूहिक रूप से सजा नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि तत्काल मानवीय युद्धविराम से “महापीड़ा” कम होगी और गाजा में मानवीय सहायता वितरण आसान और सुरक्षित हो जाएगा।

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के मुताबिक युद्ध और हिंसा के बीच गाजा में पहुंच रही मानवीय राहत “जरूरत के सागर में सहायता की केवल एक बूंद” के समाना है। उन्होंने चिंता व्यक्त की करते हुए कहा, गाजा में संयुक्त राष्ट्र की ईंधन आपूर्ति कुछ ही दिनों में खत्म हो जाएगी, जिससे एक और आपदा आएगी। “ईंधन के बिना, मानवीय सहायता का वितरण नहीं किया जा सकता। अस्पतालों में बिजली नहीं होगी। पीने के पानी को साफ नहीं किया जा सकेगा। निरंतर सहायता वितरण की बिना किसी प्रतिबंध के होना चाहिए।”

गुटेरेस ने रेखांकित किया कि गंभीर खतरे के इस क्षण में भी, संयुक्त राष्ट्र मध्य पूर्व में सच्ची शांति और स्थिरता बहाल करने के उपाय से नजरें नहीं फेर सकता। उन्होंने कहा कि शांति बहाली का एकमात्र यथार्थवादी आधार – दो-राज्य समाधान है, इससे “इनकार नहीं किया जा सकता”। उन्होंने कहा, “इस्राइलियों को सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वैध जरूरतों पर ध्यान देना चाहिए। फलस्तीनियों को भी संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों, अंतरराष्ट्रीय कानून और पिछले समझौतों के अनुरूप एक स्वतंत्र देश के रूप में साकार होते देखना चाहिए।”

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