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अमेरिका के निचले सदन में ताइवान के साथ दोहरे कर से राहत देने वाला विधेयक पारित, जानें पूरा मामला

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अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 15 जनवरी को एक विधेयक पारित किया। इसका उद्देश्य टैक्स (कर) भुगतान को कम करना, डबल टैक्सेशन (दोहरे कर) से बचना और ताइवान के व्यवसायों, निवासियों तथा कर्मचारियों के लिए कर में छूट देना है। 

बता दें, इस विधेयक को यूएस-ताइवान एक्सपेडाइटेड डबल-टैक्स रिलीफ एक्ट कहा गया है। यह सदन में 423-1 मतों से पारित हुआ। अब इसे अमेरिकी सीनेट में भेजा जाएगा। अगर इसे मंजूरी मिल जाती है तो यह अमेरिकी राष्ट्रपति के पास जाएगा, जिनके हस्ताक्षर के बाद यह कानून बन जाएगा। 

यह है मकसद 
विधेयक का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और ताइवान के बीच दोहरे कर को रोकना है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह अमेरिका में रहने वाले पात्र ताइवानी निवासियों को कर छूट प्रदान करने के लिए वर्तमान अमेरिकी कर कानूनों में संशोधन करना चाहता है और अमेरिका में लाभांश और ब्याज जैसे विशिष्ट स्रोतों से आय पर रोक लगाने वाले कर की दरों को कम करना चाहता है।

ताइवान में व्यापार करने वाले अमेरिकियों को देना…
इस विधेयक के तहत, एक महत्वपूर्ण कदम यह होगा कि यूएस-ताइवान टैक्स एग्रीमेंट ऑथराइजेशन एक्ट को लागू किया जाएगा, जिसके तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को ताइवान के साथ कर समझौते पर बातचीत करने और उसे लागू करने का अधिकार मिलेगा। प्रतिनिधि जूडी ने कहा कि वर्तमान कानूनों के तहत ताइवान में व्यापार करने वाले अमेरिकियों को दोनों देशों में एक ही आय पर कर देना पड़ता है, जिससे हर तरह के व्यापार को नुकसान होता है। इसी तरह ताइवानी लोगों को भी दोहरा कर देना होता है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका के शीर्ष 10 व्यापारिक साझेदारों में सिर्फ ताइवान के पास दोहरे कर समझौते का अभाव है।

ताइवान में अमेरिकी इंस्टीट्यूट द्वारा कराए गए एक सर्वे का हवाला देते हुए जूडी ने कहा कि 79 प्रतिशत ताइवान कंपनियों ने बताया कि आय पर दोहरे कर का नियम एक महत्वपूर्ण कारण है, जो उन्हें अमेरिका में अधिक निवेश करने से रोकता है।

ताइवान अमेरिका का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार
सदन में वेस एंड मीन्स कमेटी की अध्यक्षता करने वाले जेसन स्मिथ ने कहा कि ताइवान अमेरिका का आठवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, लेकिन यह अब तक उन 66 देशों की सूची में शामिल नहीं है, जिनके साथ अमेरिका का आयकर संधि समझौता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस नए विधेयक को आर्थिक दक्षता और एकीकरण को बढ़ावा देने, ताइवान के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और अमेरिकी व्यवसायों तथा हमारे विश्वासपात्र सहयोगियों के लिए दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के रूप में देखा गया है, ताकि भविष्य में निवेश किया जा सके और खराब तत्वों के प्रभाव से मुकाबला किया जा सके।

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