असम राइफल्स और लॉन्गडिंग पुलिस के समक्ष डाले हथियार; पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद
इटानगर:
पूर्वोत्तर में उग्रवाद के खिलाफ जारी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को अरुणाचल प्रदेश में बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। लॉन्गडिंग जिले में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन उल्फा (स्वतंत्र) यानी ULFA(I) के चार सक्रिय कैडरों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।
पूर्वोत्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों और पुलिस द्वारा लगातार बढ़ाए जा रहे दबाव के चलते उग्रवादी मुख्यधारा में लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
वक्का इलाके में असम राइफल्स और पुलिस के सामने सरेंडर
अधिकारियों के अनुसार, यह सफल कार्रवाई लॉन्गडिंग जिले के वक्का क्षेत्र में हुई:
- संयुक्त अभियान: चारों उग्रवादियों ने 44 असम राइफल्स और लॉन्गडिंग जिला पुलिस के संयुक्त दल के समक्ष बिना किसी शर्त के अपने हथियार डाले।
- असम के निवासी: प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले चारों सदस्य मूल रूप से असम के रहने वाले हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों का विवरण व जब्ती
| आत्मसमर्पण करने वाले कैडर | उम्र | पद / रैंक |
| अजय असम | 33 वर्ष | एसएस एलसी (SS LC) |
| बिप्लब असम | 31 वर्ष | एसएस एलसी (SS LC) |
| मोनेई असम | 28 वर्ष | एसएस एलसी (SS LC) |
| बोलिन असम | 22 वर्ष | एसएस प्राइवेट (SS Pvt) |
बरामदगी: आत्मसमर्पण के दौरान उग्रवादियों के कब्जे से 4 पिस्तौल और 17 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
उग्रवादी नेटवर्क पर कसा शिकंजा
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि पूर्वोत्तर के सीमावर्ती इलाकों में चलाए जा रहे सघन तलाशी अभियानों और सख्त घेराबंदी के कारण उग्रवादी संगठनों की गतिविधियां पूरी तरह ठप हो रही हैं। आत्मसमर्पण करने वाले इन चारों सदस्यों से अब उल्फा (आई) के नेटवर्क, ठिकानों और भावी योजनाओं के बारे में विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

