अरुणाचल प्रदेश ने पशु प्रजनन और डेयरी विकास के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य में पहली बार कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination – AI) सफलतापूर्वक किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आयातित सेक्स-सॉर्टेड होल्स्टीन फ्रीजियन वीर्य का उपयोग करके यह प्रक्रिया सफल हुई।
ईटानगर के पास हुआ सफल परीक्षण
डेयरी विकास विभाग के अनुसार, ईटानगर के पास निरजुली स्थित केंद्रीय मवेशी प्रजनन फार्म में शुक्रवार को यह सफलता हासिल की गई। यहां आयातित वीर्य का उपयोग करके पहली गाय का कृत्रिम गर्भाधान किया गया।
क्या है सेक्स-सॉर्टेड वीर्य और इसका लाभ?
- सेक्स-सॉर्टेड वीर्य वह तकनीक है, जिसमें बछिया (Female Calf) पैदा होने की संभावना अधिक होती है।
- इससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी और डेयरी किसानों को अधिक लाभ मिलेगा।
- यह उन्नत नस्ल के मवेशियों के उत्पादन में मदद करेगा और दूध की गुणवत्ता में सुधार होगा।
राज्य सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य के डेयरी विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यह पहल अरुणाचल प्रदेश में डेयरी उद्योग को एक नई दिशा देगी। सरकार भविष्य में इस तकनीक को और अधिक मवेशियों पर लागू करने की योजना बना रही है।
आगे की योजना
- डेयरी किसानों को कृत्रिम गर्भाधान तकनीक के प्रति जागरूक किया जाएगा।
- सरकार इस तकनीक को राज्य भर में फैलाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम शुरू करेगी।
- दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और डेयरी उद्योग को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाया जाएगा।
निष्कर्ष
अरुणाचल प्रदेश में पहली बार सफल कृत्रिम गर्भाधान से राज्य के डेयरी उद्योग को मजबूती मिलेगी। इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा। सरकार इस दिशा में और अधिक नवाचार और विस्तार की योजना बना रही है।

