बांग्लादेश में संविधान बदलने को लेकर चर्चा तेज है। इसी बीच अंतरिम सरकार प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश में सभी धर्मी लोगों को बराबर के अधिकार मिलने की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश में सभी धर्मों के लोगों को बराबर के अधिकार मिलते रहेंगे। यूनुस ने कहा कि अगर संविधान में कोई बदलाव किया गया, तो उसमें धार्मिक आज़ादी और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की पूरी तरह से रक्षा की जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार राजनीतिक पार्टियों से बातचीत कर संविधान संशोधन पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि हम देश में धार्मिक सौहार्द और शांति बनाए रखने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं। अल्पसंख्यकों को भी बहुसंख्यकों की तरह पूरे अधिकार मिलते रहेंगे। बता दें कि मोहम्मद यूनुस यह बात अमेरिका की धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) के प्रमुख स्टीफन श्नेके से मुलाकात के दौरान कही।
जब यूनुस से देश में हिंदू समुदाय पर हुए हमलों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता में विश्वास रखती है और विदेशी पत्रकारों को आकर हालात खुद देखने का न्योता देती है। इसके साथ ही अंत में उन्होंने कहा, “हर नागरिक की धार्मिक आज़ादी को सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है।
बता दें कि मोहम्मद यूनुस ने बीते गुरुवार को छात्र नेतृत्व वाले नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के नेताओं से बात करते हुए संकेत दिया था कि वे इस्तीफा देने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि राजनीतिक दलों के बीच सहमति की कमी के चलते उन्हें काम करने में कठिनाई हो रही है। इसके बाद गुरुवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में भी उन्होंने इसी प्रकार की भावना जाहिर की थी। हालांकि, बैठक में मौजूद उनके सलाहकारों ने उन्हें इस्तीफा न देने के लिए मनाया।

