पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की अध्यक्षता वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) से जुड़े हजारों छात्र और युवाओं ने बुधवार को राजधानी ढाका में रैली निकाल। बीएनपी से जुड़े तीन समूहों के कार्यकर्ता कड़ी सुरक्षा के बीच पार्टी मुख्यालय के बाहर सड़कों पर इकट्ठा हुए और दिसंबर में आम चुनाव की मांग की। यह अगस्त में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को हटाए जाने के बाद नियुक्त मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार को लेकर बढ़ते असंतोष का नतीजा है।
कई साल से बिगड़ती सेहत से जूझ रही जिया हालिया ही लंदन से चार महीने के इलाज के बाद स्वदेश लौटी हैं। इससे बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर चुनाव कराने का दबाव बढ़ गया है। निर्वासन झेल रहे बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष और जिया के बड़े बेटे तारिक रहमान बुधवार को लंदन से वीडियो लिंक के जरिए रैली को संबोधित किया। बीएनपी ने हाल ही में यूनुस से मुलाकात की और दिसंबर में चुनाव की अपनी मांग दोहराते हुए कहा था कि अगर यूनुस इस्तीफा देते हैं, तो देश को एक वैकल्पिक नेता मिल जाएगा। लेकिन बाद में यूनुस के सहयोगियों ने कहा कि वह बने रहेंगे। बीएनपी हसीना की अवामी लीग की गैरमौजूदगी में अगली सरकार बनाने की उम्मीद कर रही है। बीएनपी ने कहा कि सुधार एक सतत प्रक्रिया है, सुधारों के कार्यान्वयन की रफ्तार चुनाव में देरी का बहाना नहीं होनी चाहिए।
बताते चलें कि बांग्लादेश में आम चुनावों कराने को लेकर अंतरिम सरकार के मुखिया यूनुस और सैन्य प्रमुख जनरल वकार उज जमान के बीच मतभेद सामने आए थे। यूनुस साल 2026 में आम चुनाव कराने के पक्ष में है, लेकिन सैन्य प्रमुख जमान दिसंबर 2025 में चुनाव की वकालत कर रहे थे, हालांकि बाद में दोनों पक्षों ने दावा किया कि उनके बीच कोई विवाद नहीं है।

