गाजा पट्टी में बुधवार को संयुक्त राष्ट्र के गेस्ट हाउस पर हमला किया गया। इसमें संयुक्त राष्ट्र संघ के एक कर्मचारी की मौत हो गई। जबकि पांच लोग घायल हो गए। हालांकि संयुक्त राष्ट्र परियोजना सेवा कार्यालय ने यह नहीं बताया कि केंद्रीय शहर डेर अल-बलाह में हमला किसने किया?
संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय प्रमुख जॉर्ज मोरेरा दा सिल्वा ने कहा कि गेस्ट हाउस पर एक बम गिरा। उन्होंने मारे गए और घायल हुए लोगों के बारे में अधिक जानकारी नहीं दी। इससे पहले मंगलवार को इस्राइली सेना गाजा में हवाई हमले किए थे। इस्राइली सेना ने कहा कि उसने संयुक्त राष्ट्र परिसर को निशाना नहीं बनाया था।
संयुक्त राष्ट्र परियोजना सेवा कार्यालय (UNOPS) के प्रमुख मोरेरा दा सिल्वा ने कहा कि सोमवार को भी परिसर के पास हमले हुए थे। इसके बाद मंगलवार और फिर बुधवार को भी हमला हुआ। इसमें एक कर्मचारी मारा गया। एजेंसी ने पहले हमले के बाद इस्राइली सेना से संपर्क किया था। उन्होंने कहा कि इस्राइल जानता था कि यह संयुक्त राष्ट्र का परिसर है, लोग यहां रह रहे हैं, ठहरे हुए हैं और काम कर रहे हैं।
मंगलवार तड़के इस्राइल ने गाजा पट्टी पर जोरदार हमला किया था। इस्राइल के इस भयावह हमले ने गाजा पट्टी में एक बार फिर तबाही मचा दी थी। कहा जा रहा है कि युद्ध विराम लागू होने के बाद से इस्राइल का ये सबसे बड़ा हवाई हमला था। इसमें 400 से ज्यादा फलस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई। वहीं 500 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इस्राइली सेना का कहना है कि वह केवल आतंकियों पर हमला करती है और नागरिकों की मौतों के लिए हमास को दोषी ठहराती है।
वहीं गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि मंगलवार की सुबह इस्राइल द्वारा हमले शुरू करने के बाद से कम से कम 436 लोग मारे गए हैं। जिनमें 183 बच्चे और 94 महिलाएं शामिल हैं। 678 लोग घायल हुए हैं। वहीं हमास ने इस्राइल पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया है। हमास ने बयान जारी कर कहा कि नेतन्याहू और उनकी कट्टरपंथी सरकार ने युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है, जिससे बंधकों के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा गए हैं।

