जर्मनी में क्रिसमस बाजार पर हुए हमले ने पूरे विश्व को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में पांच लोगों की मौत हो गई और 200 से अधिक लोग घायल हो गए। इस घटना पर अरबपति उद्योगपति एलन मस्क ने जर्मनी सरकार की नीतियों पर तीखी टिप्पणी की है।
मस्क ने जताई नाराजगी
एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “एक्स” (पूर्व में ट्विटर) पर इस घटना के आरोपी तालेब ए सऊदी और जर्मनी की सरकार को लेकर प्रतिक्रिया दी। मस्क ने कहा, “आरोपी को जर्मनी में प्रवेश की अनुमति ही नहीं देनी चाहिए थी। जब सऊदी अरब ने उसे प्रत्यर्पित करने की मांग की, तब जर्मनी को उसे सौंप देना चाहिए था। लेकिन जर्मनी की आत्मघाती सहानुभूति ने यह भारी गलती कर दी।”
सऊदी अरब ने तीन बार की थी प्रत्यर्पण की मांग
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तालेब सऊदी अरब मूल का नागरिक है, जिस पर सऊदी अरब में मानव तस्करी और कथित आतंकवाद के गंभीर आरोप थे। सऊदी सरकार ने तालेब को प्रत्यर्पित करने के लिए जर्मनी से तीन बार अनुरोध किया था, जिसे जर्मनी ने नजरअंदाज कर दिया।
हमले के आरोपी पर विवादित दावे
मीडिया रिपोर्ट्स में तालेब को “नास्तिक” और “धर्मनिरपेक्ष” बताया गया था। इन दावों पर मस्क ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “विरासत मीडिया फिर से झूठ बोल रहा है।” मस्क ने एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें कहा गया कि तालेब कट्टरपंथी शिया मुस्लिम था और आईएसएस का समर्थक था।
जर्मनी पर मस्क का सवाल
मस्क ने जर्मनी और यूरोप की नीतियों को “आत्मघाती सहानुभूति” करार देते हुए इसे खतरनाक बताया। उन्होंने यूरोप से आग्रह किया कि वह अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करे।
आरोपी के चरमपंथी जुड़ाव
मस्क द्वारा साझा वीडियो में दावा किया गया कि तालेब अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए चरमपंथी विचारधारा को बढ़ावा दे रहा था। यह वीडियो इस बात की ओर इशारा करता है कि तालेब ने अपने असली उद्देश्य छिपाकर जर्मनी की उदार नीतियों का फायदा उठाया।
दुनिया भर से प्रतिक्रियाएं
यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां एक ओर मस्क ने जर्मनी की सरकार पर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर अन्य देशों ने भी अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। यह हमला न केवल यूरोप की सुरक्षा नीतियों पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को भी चुनौती देता है।
इस घटना ने जर्मनी और यूरोप को अपनी सुरक्षा और आप्रवासन नीतियों पर गहन पुनर्विचार करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

