सिंगल-टाइम कॉलेज रिपोर्टिंग, 61 दिव्यांग केंद्र और ऑनलाइन सीट सरेंडर जैसी कई बड़ी राहतें शामिल
नई दिल्ली:
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मंगलवार को ‘नीट यूजी (NEET UG) काउंसलिंग 2026’ की तैयारियों की समीक्षा बैठक की। स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी, मेरिट-आधारित, तकनीक-संचालित और छात्र-हितैषी होनी चाहिए।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा 16 जुलाई 2026 को नीट यूजी परिणाम घोषित किए जाने के बाद अब ऑल इंडिया कोटा (AIQ) की एमबीबीएस, बीडीएस और बीएससी नर्सिंग सीटों के लिए जल्द काउंसलिंग शुरू होने वाली है।
अभ्यर्थियों के लिए किए गए प्रमुख बड़े बदलाव
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा इस वर्ष छात्रों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए गए हैं:
- एक ही बार कॉलेज में रिपोर्टिंग (Single Reporting): अब छात्रों को हर राउंड के बाद बार-बार कॉलेज के चक्कर नहीं लगाने होंगे। सीट अलॉटमेंट के बाद ऑनलाइन ‘फ्रीज’ (Freeze) विकल्प चुनने पर ही अभ्यर्थियों को मूल दस्तावेजों और फीस के साथ संस्थान में जाना होगा।
- ‘फ्लोट’ विकल्प के लिए ऑनलाइन सत्यापन: ‘फ्लोट’ (Float) चुनने वाले उम्मीदवार अगले राउंड में अपग्रेडेशन के लिए पात्र रहेंगे। इस दौरान उनके दस्तावेजों का सत्यापन पूरी तरह ऑनलाइन होगा और उन्हें किसी भी कॉलेज में जाने या फीस जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।
- ऑनलाइन सीट रिजाइन सुविधा: अभ्यर्थियों को कॉलेज छोड़ने के लिए भौतिक रूप से उपस्थित होने की जरूरत नहीं होगी; वे एमसीसी पोर्टल के जरिए ही निर्धारित समयसीमा में ऑनलाइन सीट सरेंडर कर सकेंगे।
- दिव्यांग (PwBD) अभ्यर्थियों को राहत: दिव्यांग अभ्यर्थियों के मूल्यांकन केंद्रों (Evaluation Centres) की संख्या 16 से बढ़ाकर 61 कर दी गई है। साथ ही किसी भी असंतोष की स्थिति में अपीलीय बोर्ड (Appellate Board) की व्यवस्था भी की गई है।
- एनआरआई (NRI) कोटा पूरी तरह डिजिटल: एनआरआई सीटों के लिए अब ईमेल से दस्तावेज भेजने की पुरानी व्यवस्था खत्म कर दी गई है। पूरी प्रक्रिया और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन अब एमसीसी पोर्टल पर ही डिजिटल रूप से होगा।
24×7 हेल्पलाइन और मजबूत साइबर सुरक्षा
काउंसलिंग के दौरान पोर्टल सुचारु रूप से चले और किसी भी तकनीकी गड़बड़ी को रोका जा सके, इसके लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के साथ मिलकर साइबर सुरक्षा को मजबूत किया गया है।
छात्रों की सहायता के लिए 24×7 टोल-फ्री हेल्पलाइन (1800-102-7637) और आधिकारिक ईमेल (mcc2026@gov.in) भी क्रियान्वित कर दिया गया है।

