भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और ब्रिटेन की वित्त मंत्री रेचल रीव्स से 11 डाउनिंग स्ट्रीट में मुलाकात की। यह बैठक भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हुई बातचीत के संबंध में थी, जो दोनों देशों के बीच 13वीं यूके-भारत आर्थिक और वित्तीय वार्ता (ईएफडी) से पहले आयोजित की गई थी। बता दें कि इन दिनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने एक सप्ताह के ब्रिटेन और ऑस्ट्रिया के दौरे पर हैं। इस दौरे की शुरुआत 8 अप्रैल को हुई।
वित्त मंत्री सीतारमण ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं भारत और ब्रिटेन से संबंधित कई मुद्दों पर बातचीत की। इसके बारे में जानकारी देते हुए सीतारमण ने बताया कि इस वार्ता के दौरान भारत और ब्रिटेन के वित्तीय क्षेत्रों के बीच सहयोग बढ़ाने और दोनों देशों के बीच शैक्षिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की गई। इसके अलावा, व्यवसायों की पारस्परिक मान्यता, विज्ञान, प्रौद्योगिकी में सहयोग और भारत में ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों का स्वागत करने जैसे विषयों पर भी विचार किया गया।
अब बात अगर भारत और ब्रिटेन के बीच होने वाली वित्तीय वार्ता (ईएफडी) की करें तो ईएफडी दोनों देशों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां निवेश, वित्तीय सेवाएं, कराधान, वित्तीय विनियमन, और अवैध वित्तीय प्रवाह जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होती है। भारत ने इस वार्ता के दौरान आईएफएससी गिफ्ट सिटी, निवेश, बीमा और पेंशन क्षेत्र, फिनटेक, डिजिटल अर्थव्यवस्था, और जलवायु वित्त जुटाने के मुद्दे भी उठाए।
वहीं इस मामले में ब्रिटेन की वित्त मंत्री रेचल रीव्स ने कहा कि इस वार्ता में वैश्विक मुद्दों और रोजगार सृजन पर चर्चा की जाएगी, क्योंकि ब्रिटेन भारत के साथ नया व्यापार समझौता करना चाहता है। उन्होंने बताया कि रोजगार, निवेश, और व्यापार के अवसर पैदा करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों और रक्षा में क्षमता को उजागर करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। गौरतलब है कि भारत और ब्रिटेन पिछले दो वर्षों से एफटीए पर बातचीत कर रहे हैं, और उम्मीद जताई जा रही है कि इस पर जल्द ही हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

