फ्रांस की एविग्रन अदालत ने एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में उसके पति को दोषी करार देते हुए 20 साल की सजा सुनाई है। इस चौंकाने वाले मामले में महिला के पति डोमिनिक पेलीकोट ने पत्नी को नशीली दवाइयां देकर उसे बेहोश किया और फिर अन्य लोगों के साथ मिलकर उसका शारीरिक शोषण किया।
घटना का खुलासा
71 वर्षीय गिसेल पेलीकोट को 2020 में यह भयावह सच्चाई पता चली कि उनके पति ने ही वर्षों तक अन्य लोगों के साथ मिलकर उनका दुष्कर्म किया। डोमिनिक पेलीकोट ने पत्नी को बार-बार बेहोश कर उनका शोषण किया और इसका वीडियो भी बनाया। इस खुलासे के बाद गिसेल ने तुरंत तलाक लिया और न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया।
अदालत का फैसला
अदालत में सुनवाई के दौरान डोमिनिक ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। अभियोजकों ने मांग की थी कि डोमिनिक को कम से कम 20 साल और अन्य आरोपियों को 10 से 18 साल तक की सजा दी जाए। पांच न्यायाधीशों की पीठ ने गुप्त मतदान के जरिए फैसला सुनाया।
गिसेल की जिंदगी की कहानी
गिसेल पेलीकोट का जन्म 1952 में जर्मनी में हुआ था। जब वह पांच साल की थीं, तो उनका परिवार फ्रांस शिफ्ट हो गया। 1971 में गिसेल की मुलाकात डोमिनिक पेलीकोट से हुई, लेकिन उनका यह रिश्ता जीवनभर के लिए एक दुःस्वप्न बन गया।
पुलिस की जांच ने खोला राज
गिसेल को इस अत्याचार का पता तब चला जब 2020 में पुलिस ने डोमिनिक को महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करते हुए गिरफ्तार किया। इसके बाद जांच में गिसेल के साथ हुए अपराध का खुलासा हुआ।
महिला अधिकार संगठनों ने किया स्वागत
महिला अधिकार संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह फैसला महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए एक मजबूत संदेश देगा।
निष्कर्ष
गिसेल पेलीकोट ने अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ आवाज उठाकर न्याय प्राप्त किया। यह मामला उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो अत्याचार के खिलाफ संघर्ष कर रही हैं।

