28 C
Mumbai
Tuesday, August 25, 2026

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

मराठा आरक्षण पर 29 अगस्त से भूख हड़ताल पर अड़े मनोज जरांगे: सरकार को दिया 28 अगस्त तक का अल्टीमेटम

अंतरवाली सराटी में सरकारी प्रतिनिधिमंडल से मिले जरांगे, कुनबी प्रमाण पत्रों में देरी पर उठाए सवाल

जालना: मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने सोमवार को स्पष्ट किया कि वे 29 अगस्त से जालना जिले के अंतरवाली सराटी में अपनी प्रस्तावित भूख हड़ताल शुरू करने के फैसले पर पूरी तरह अडिग हैं। उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत मराठा समुदाय को आरक्षण देने की मांग दोहराते हुए राज्य सरकार को 28 अगस्त तक लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई करने की समयसीमा दी है।

महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों शंभूराज देसाई, राधाकृष्ण विखे पाटिल और उदय सामंत के प्रतिनिधिमंडल ने अंतरवाली सराटी पहुंचकर जरांगे से मुलाकात की और उनसे आंदोलन वापस लेने का अनुरोध किया, लेकिन जरांगे ने अपनी मांगें पूरी होने तक पीछे हटने से इनकार कर दिया।

कुनबी प्रमाण पत्र और केस वापसी की मांग जरांगे ने मांग की कि ऐतिहासिक और 1967 से पुराने रिकॉर्ड के आधार पर मराठा समुदाय के पात्र सदस्यों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र व वैधता दस्तावेज जारी करने का काम 28 अगस्त तक पूरा किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व के आरक्षण आंदोलनों में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मुकदमे वापस लेने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया में रुकावटें पैदा कर रहे हैं।

लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई का सरकारी आश्वासन बैठक के बाद मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने स्वीकार किया कि प्रमाण पत्र जारी करने की प्रशासनिक प्रक्रिया में कुछ खामियां और देरी हुई हैं, जिन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले दो-तीन दिनों में समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा। मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी अधिकारी जानबूझकर प्रमाण पत्र वितरण में अड़चन पैदा कर रहे हैं, जांच के बाद उन्हें निलंबित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ताजा खबर - (Latest News)

Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here