महज 6 देसी नावों के सहारे 5 गांवों के 1,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला; राज्य में बाढ़ से अब तक 85 लोगों की मौत
शिवसागर:
असम में जारी प्राकृतिक आपदा के बीच शिवसागर जिले से एक मिसाल कायम करने वाली खबर सामने आई है। 19 जुलाई को जिले के नेपाली खूटी इलाके में आई भीषण बाढ़ के दौरान कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर एक बड़ा बचाव अभियान चलाया। केवल छह (6) देसी नावों के सहारे इन जांबाज ग्रामीणों ने जलप्रलय में फंसे 5 गांवों के 1,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
छतों और पेड़ों पर शरण लेने को मजबूर थे लोग
19 जुलाई की तड़के लगभग 4 बजे से इलाके में पानी का स्तर अचानक तेजी से बढ़ने लगा। देखते ही देखते पूरा नेपाली खूटी इलाका जलमग्न हो गया और लोगों को अपनी जान बचाने के लिए घरों की छतों, मचानों और पेड़ों का सहारा लेना पड़ा।
- बचाव अभियान की शुरुआत: राहत कार्य में शामिल चौहान चौधरी और कन्हैया चौधरी ने बताया कि स्थिति इतनी भयावह थी कि लोग अपना सामान तक नहीं निकाल सके।
- देर रात तक चला रेस्क्यू: राजकुमार राजबीर और मोहन चौधरी ने बताया कि उनकी टीम ने बिना कुछ खाए-पिए लगातार रात के 1 बजे तक और अगले दिन सुबह भी फंसे हुए लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों ने कहा, “अगर लोगों को बचाते हुए हमारी जान भी चली जाती, तो हमें मंजूर था।”
असम में बाढ़ से हालात चिंताजनक
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार:
- प्रभावित आबादी: राज्य के विभिन्न जिलों में 1.92 लाख से अधिक लोग इस बाढ़ से प्रभावित हैं।
- मृतकों का आंकड़ा: इस मानसूनी सीजन में असम में बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक 85 लोगों की मौत हो चुकी है।
रिलायंस फाउंडेशन ने दिए 21 करोड़ रुपये
बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए विभिन्न सामाजिक और निजी संस्थाएं भी आगे आ रही हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने रिलायंस फाउंडेशन की सराहना करते हुए जानकारी दी कि संस्था ने राज्य में चल रहे राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए ‘मुख्यमंत्री राहत कोष’ में 21 करोड़ रुपये का योगदान दिया है।

