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सुचिर बालाजी की मौत को लेकर मां पूर्णिमा राव ने उठाए बड़े सवाल, ओपनएआई कंपनी पर लगाए गंभीर आरोप

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अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारतीय-अमेरिकी और ओपन एआई व्हिसलब्लोअर सुचिर बालाजी की मौत पर उनकी मां ने एक बार फिर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बेटे की मौत के लिए ओपन एआई प्रबंधन को जिम्मेदार बताया। बालाजी की मां पूर्णिमा राव ने एक इंटरव्यू में कहा कि उनके बेटे ने अपनी मौत से पहले ओपन एआई की स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की थी। बालाजी की मां ने एक बार फिर बेटे की मौत को हत्या करार दिया है। 

एक्स पर एक इंटरव्यू में बालाजी की मां पूर्णिमा राव ने कहा कि ओपन एआई ने उनके बेटे को चैटजीपीटी में योगदान के लिए कभी श्रेय नहीं दिया। उसने चैटजीपीटी को बेहतर बनाने के लिए काफी कुछ किया। इससे चैटजीपीटी तेज और कुशल हो गया। लेकिन जब उसके काम को कोई मान्यता नहीं मिली तो वह परेशान हो गया था। आज भी ओपन एआई ने उसके काम को कोई मान्यता नहीं दी है। यह बेहद दुखद है। 

बालाजी की मां पूर्णिमा राव और पिता राममूर्ति राव ने कहा कि बेटे की मौत की परिस्थिति आत्महत्या जैसी नहीं लगती हैं। शव के दूसरे पोस्टमार्टम में भी सामने आया है कि उसके सिर पर चोट सहित संघर्ष के संकेत मिले हैं। सुचिर के अपार्टमेंट में तोड़फोड़ की गई थी। बाथरूम में संघर्ष के निशान थे और खून के धब्बों को देखकर ऐसा लग रहा था कि किसी ने उसे बाथरूम में मारा था। यह एक निर्दयी हत्या है। हम एफबीआई जांच की मांग करते हैं।  वहीं पहले सुचिर की मौत को आत्महत्या कह रही सैन फ्रांसिस्को पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। 

पहले भी सुचिर की मां ने उनकी मौत को लेकर आरोप लगाए थे। जिसका दिग्गज अरबपति एलन मस्क ने समर्थन किया था।

26 वर्षीय भारतीय-अमेरिकी और ओपन एआई व्हिसलब्लोअर सुचिर बालाजी का शव सैन फ्रांसिस्को में उनके अपार्टमेंट में पाया गया था। सैन फ्रांसिस्को के मुख्य चिकित्सा परीक्षक कार्यालय ने उनकी मृत्यु का कारण आत्महत्या बताया था। इस पर सुचिर बालाजी की मां ने सवाल उठाए हैं। 

कौन थे सुचिर बालाजी?
सुचिर बालाजी ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की और OpenAI और Scale AI में इंटर्नशिप की। 2020 में वे OpenAI में शामिल हुए, जहां पहले से ही कई बर्कले स्नातक काम कर रहे थे। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार बालाजी ने 2022 की शुरुआत में एक नए प्रोजेक्ट GPT-4 के लिए डेटा संग्रह करना शुरू किया और इंटरनेट पर उपलब्ध सभी अंग्रेजी-भाषा के पाठ का महीनों तक विश्लेषण किया। 

शुरुआत में बालाजी ने अपने काम को एक शोध प्रोजेक्ट के रूप में देखा। उनका मानना था कि GPT-3 कोई चैटबॉट नहीं है, बल्कि कंपनियों और कंप्यूटर प्रोग्रामर्स को अन्य सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन बनाने के लिए एक उपकरण के रूप में उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया, “एक शोध प्रोजेक्ट के साथ आमतौर पर आप किसी भी डेटा पर प्रशिक्षण कर सकते हैं।”

ओपन एआई में विरोध के बाद छोड़ी कंपनी
सुचिर बालाजी ने OpenAI में एक एआई शोधकर्ता के रूप में काम किया था, लेकिन इस साल की शुरुआत में उन्होंने कंपनी छोड़ दी। कंपनी के खिलाफ बयानबाजी और कॉपी करने के आरोप के बाद उनका कंपनी में लगातार विरोध हो रहा था। कंपनी छोड़ने के बाद उन्होंने खुलकर यह बात कही कि ChatGPT बनाने वाली कंपनी यानी ओपनएआई ने ऑनलाइन डेटा की नकल करके और इंटरनेट पर मौजूद किसी भी चीज की कॉपी करके कॉपीराइट कानून का उल्लंघन किया है। 2022 में ChatGPT के लॉन्च के बाद से OpenAI पर कई मुकदमे दर्ज हुए हैं, जिनमें दावा किया गया है कि कंपनी ने अपने चैटबॉट को प्रशिक्षित करने के लिए कॉपीराइटेड कंटेंट का उपयोग किया।

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