भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने विशेष एसीबी अदालत के आदेश को चुनौती देने की तैयारी कर ली है। सेबी ने कहा कि वह सभी नियामक अनुपालनों का पूरी तरह से पालन करता है और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करता है।
क्या है मामला?
विशेष भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) अदालत ने वर्ली और मुंबई एसीबी को निर्देश दिया है कि वे एक कंपनी के स्टॉक एक्सचेंज में धोखाधड़ी से सूचीबद्ध होने के आरोपों की जांच करें। अदालत ने यह भी कहा कि भारतीय दंड संहिता (IPC), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, सेबी अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।
कौन-कौन हैं आरोपी?
इस मामले में सेबी की पूर्व प्रमुख माधबी पुरी बुच और सेबी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।
अदालत का आदेश क्यों आया?
यह मामला ठाणे के पत्रकार सपन श्रीवास्तव द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि एक कंपनी को गलत तरीके से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया गया और इसमें धोखाधड़ी हुई।
सेबी की प्रतिक्रिया
सेबी ने कहा कि वह इस आदेश के खिलाफ कानूनी कदम उठाएगा और उचित न्यायिक मंच पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेगा। साथ ही, संस्था नियामक अनुपालनों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और कानून का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
आगे क्या होगा?
अब यह देखना होगा कि सेबी अदालत के आदेश को किस न्यायिक मंच पर चुनौती देगा और इस मामले की आगे क्या दिशा होगी।

