गोवा विधानसभा में पहली बार आरक्षित होंगी 4 सीटें; मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और विधायक गोविंद गावड़े ने जताया आभार
पणजी:
गोवा के राजनीतिक इतिहास में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। केंद्र सरकार ने गुरुवार को गोवा विधानसभा में अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय को राजनीतिक आरक्षण देने वाले अधिनियम को आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया है। इसके साथ ही 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में एसटी समुदाय के प्रतिनिधियों के लिए पहली बार 4 सीटें आरक्षित करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, ‘गोवा राज्य के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व के पुनर्समायोजन अधिनियम, 2025’ के प्रावधानों को 6 अगस्त, 2026 से लागू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा—”एक और वादा पूरा हुआ”
अधिनियम के लागू होते ही गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने खुशी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया:
- ऐतिहासिक पहल: मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, “एक और वादा पूरा हुआ। गोवा अपने अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए विधानसभा सीटें आरक्षित करने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा रहा है। यह हमारे आदिवासी भाई-बहनों को लंबे समय से लंबित न्याय दिलाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।”
- अगले चुनावों पर प्रभाव: गोवा में अगले वर्ष (2027) की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का अनुरोध किया था।
“यह क्रांति और सामाजिक न्याय की बड़ी जीत”: गोविंद गावड़े
| नेता / अधिकारी | वक्तव्य / रुख |
| गोविंद गावड़े (भाजपा विधायक व आदिवासी नेता) | इसे सामाजिक न्याय आंदोलन और क्रांति की जीत बताते हुए कहा कि यह निर्णय असंभव को संभव बनाने जैसा है। |
| आगे की कानूनी प्रक्रिया | गावड़े ने कहा कि अब विधानसभा क्षेत्रों की एसटी जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन/आरक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसे लागू करने की जिम्मेदारी निर्वाचन आयोग (Election Commission) की होगी। |
गोवा में एसटी समुदाय लंबे समय से विधानसभा में आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व की मांग कर रहा था। केंद्र की अधिसूचना के बाद राज्य के आदिवासी समाज में खुशी की लहर है।

