ठाणे। ठाणे जिले की एक विशेष अदालत ने दुष्कर्म और आपराधिक धमकी के मामले में आरोपी व्यक्ति को बरी कर दिया। ऐसा तब हुआ, जब शिकायत करने वाली महिला ने अदालत को बताया कि उसने अपनी इच्छा से उसी व्यक्ति से शादी कर ली है।
अदालत ने सोमवार को अपने फैसले में कहा कि चूंकि पीड़िता ने स्वीकार किया है कि आरोपी (30 वर्षीय) के साथ उसके शारीरिक संबंध आपसी सहमति से बने थे, इसलिए दुष्कर्म का मामला नहीं बनता। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने महिला से एक लाख 79 हजार रुपये भी वसूले और उनके बीच हुई बातचीत उसके पति को दिखाने की धमकी दी।
सुनवाई के दौरान कैसे बदला मामले का रुख?
विशेष जज प्रेमल विठलानी की अदालत में सुनवाई के दौरान मामले ने नया मोड़ ले लिया। जिरह के दौरान महिला ने माना कि उनके बीच शारीरिक संबंध आपसी सहमति से बने थे और अब उसे आरोपी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है। महिला ने यह भी बताया कि उसने अपने पहले पति से तलाक ले लिया है और 17 दिसंबर 2024 को आरोपी से शादी कर ली है।
अदालत ने आरोपी को क्यों किया बरी?
जज विठलानी ने कहा, चूंकि जिरह के दौरान पीड़िता ने स्वीकार किया है कि शारीरिक संबंध आपसी सहमति से बने थे, इसलिए दुष्कर्म का कोई मामला नहीं बनता। अदालत ने पीड़िता के पिता की गवाही को सुनी-सुनाई बात मानते हुए खारिज कर दिया। अदालत ने भारतीय दंड संहिता के तहत दुष्कर्म तथा आपराधिक धमकी के आरोपों से आरोपी को बरी कर दिया।

