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Wednesday, June 24, 2026

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हैदराबाद में दो बड़े अपराध: एटीएम वैन का चालक ₹17 लाख लेकर फरार, गांधी नगर थाने का सब-इंस्पेक्टर ₹50 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

हैदराबाद: भाग्यनगर (हैदराबाद) में अपराध और प्रशासनिक भ्रष्टाचार से जुड़े दो अलग-अलग सनसनीखेज विधिक मामलों ने पुलिस महकमे और स्थानीय प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। शहर में एक तरफ जहां एटीएम (ATM) में नकदी भरने वाली एक सुरक्षा वैन का चालक चकमा देकर ₹17 लाख की भारी-भरकम राशि लेकर फरार हो गया, वहीं दूसरी तरफ कानून के रक्षक ही भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर को ₹50,000 की विधिक रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है। इन दोनों घटनाओं ने महानगर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिसिया साख पर गंभीर विधिक सवाल खड़े कर दिए हैं।

1. एटीएम कैश वैन कांड: ₹17 लाख उड़ाकर दोपहिया वाहन से भागा चालक

रेन बाजार और संतोष नगर मुख्य मार्ग पर फिल्मी अंदाज में दी गई इस विधिक वारदात ने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं:

  • योजनाबद्ध चोरी: पुलिस के प्राथमिक विधिक बयान के अनुसार, कैश लॉजिस्टिक्स कंपनी की वैन जब रेन बाजार-संतोष नगर रूट से गुजर रही थी, तभी चालक ने सुनियोजित साजिश के तहत गाड़ी रोकी। उसने वैन के मुख्य कैश बॉक्स को कटर या चाबी की मदद से खोला और उसमें रखे ₹17 लाख नकद निकाल लिए।
  • वाहन छोड़कर फरार: आरोपी चालक विधिक रूप से पकड़ा न जाए, इसलिए उसने कैश वैन को बीच सड़क पर ही लावारिस छोड़ दिया और पहले से पार्क करके रखे गए एक दोपहिया वाहन (Two-Wheeler) पर सवार होकर रफूचक्कर हो गया।

पुलिस की विधिक व खोजी कार्रवाई:

जांच के मुख्य बिंदुपुलिसिया रणनीति और विधिक कदम
सीसीटीवी (CCTV) मैपिंगआईएस सदन पुलिस स्टेशन की विशेष विधिक टीमें घटनास्थल और संतोष नगर मार्ग के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं, ताकि आरोपी के भागने के रूट का विधिक खाका तैयार किया जा सके।
अंदरूनी मिलीभगत का संदेहप्रारंभिक विधिक जांच में सामने आया है कि चालक को कैश ट्रांसफर के समय और लॉजिस्टिक्स के सुरक्षा चक्र की पूरी तकनीकी जानकारी थी। पुलिस को शक है कि कंपनी के ही किसी अन्य कर्मचारी ने उसकी विधिक मदद की है।
विशेष टीमों का गठनपुलिस कमिश्नरेट ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और नकदी की विधिक बरामदगी के लिए 3 अलग-अलग खोजी विधिक टीमें (Special Squads) गठित की हैं।

2. एसीबी (ACB) का बड़ा जाल: ₹50 हजार लेते पकड़ा गया सब-इंस्पेक्टर
इसी दौरान हैदराबाद की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक बड़ी विधिक कार्रवाई करते हुए गांधी नगर पुलिस स्टेशन में तैनात सब-इंस्पेक्टर वी. नरसिम्हुलु को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया।

  • स्टेशन बेल के बदले मांगी घूस: एसीबी के आधिकारिक विधिक दस्तावेज के अनुसार, आरोपी सब-इंस्पेक्टर ने एक आपराधिक मामले के शिकायतकर्ता को कोर्ट के चक्करों से बचाने, ‘स्टेशन बेल’ (Station Bail) मंजूर करने और भविष्य में पुलिसिया कार्रवाई के जरिए परेशान न करने के विधिक एवज में ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की रिश्वत मांगी थी।
  • रंगे हाथों गिरफ्तारी: पीड़ित की गुप्त शिकायत पर विधिक जाल बिछाते हुए एसीबी के अधिकारियों ने तय रणनीति के तहत पहली किस्त के रूप में ₹50,000 की केमिकल युक्त नकदी लेते हुए सब-इंस्पेक्टर वी. नरसिम्हुलु को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अधिकारी के हाथ धुलवाने पर वे विधिक रूप से गुलाबी हो गए। एसीबी ने आरोपी को भ्रष्टाचार मामलों की विशेष अदालत (Special ACB Court) में पेश कर विधिक रिमांड पर ले लिया है।

इन दोनों बैक-टू-बैक घटनाओं के बाद हैदराबाद पुलिस कमिश्नर ने शहर के सभी थानों में पारदर्शिता बरतने और निजी कैश वैन कंपनियों के चालकों का अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन (विधिक सत्यापन) कराने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

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