28 C
Mumbai
Thursday, April 16, 2026
No menu items!

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

हाईकोर्ट से योगी सरकार को बड़ा झटका कहा “त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव” में सीटों का आरक्षण 2015 के आधार पर ही होगा

Array

लखनऊ: हाईकोर्ट से, इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय की लखनऊ पीठ ने सोमवार को राज्य सरकार को उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण को अंतिम रूप देने के लिए 2015 को आधार वर्ष के रूप में रखने का आदेश दिया।

अधिक महत्वपूर्ण जानकारियों / खबरों के लिये यहाँ >>क्लिक<< करें

सरकार ने कहा, दिक्कत नहीं
उत्तर प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट से सुनवाई के दौरान कोर्ट से कहा कि उसे वर्ष 2015 को आधार मानकर आरक्षण व्यवस्था लागू करने में कोई दिक्कत नहीं है। अदालत ने ये भी कहा है कि राज्य में 25 मई तक सभी चुनाव कराए जाएं।

शासनादेश को दी गयी थी चुनौती
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दायर की गई याचिक में 11 फरवरी 2021 के शासनादेश को चुनौती दी गई थी। जिसमें कहा गया था कि पंचायत चुनाव में आरक्षण लागू किए जाने संबंधी नियमावली के नियम 4 के तहत जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत की सीटों पर आरक्षण लागू किया जाता है।

निडर, निष्पक्ष, निर्भीक चुनिंदा खबरों को पढने के लिए यहाँ >> क्लिक <<करे

1995 को बेस ईयर माना था
आगे कहा गया था कि आरक्षण लागू किए जाने के संबंध में साल 1995 को बेस ईयर मानते हुए 1995, 2000, 2005 व 2010 के चुनाव संपन्न कराए गए। दलील थी कि प्रदेश में हुए पंचायत चुनाव में 1995 को आधार ना माना जाए और इसके बदलाव करते हुए 2015 को ही आधार वर्ष बनाया जाए।

‘लोकल न्यूज’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से ‘नागरिक पत्रकारिता’ का हिस्सा बनने के लिये यहाँ >>क्लिक<< करें

चुनाव आयोग से से भी माँगा था जवाब
इलाहाबाद की लखनऊ बेंच ने शुक्रवार को पंचायत चुनाव आरक्षण की फाइनल सूची पर रोक लगा दी थी। इसको लेकर कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के अलावा चुनाव आयोग से जवाब मांगा था।

ताजा खबर - (Latest News)

Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here