25 हजार से अधिक निवेशकों को 6 महीने में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर की गई थी करोड़ों की ठगी
गुवाहाटी:
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के गुवाहाटी जोनल ऑफिस ने वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002’ के तहत गोमिलियन (GoMillions LLP) के प्रमोटरों—ऋषिराज गोगोई, जॉय मोदक और उनके सहयोगियों के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में लगभग 15.25 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां जब्त की हैं।
जब्त की गई संपत्तियों में बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), स्टॉक ट्रेडिंग अकाउंट्स, लग्जरी गाड़ियां और नकद (Cash) शामिल हैं।
बिना नियम वाली स्कीम और 25,000 से अधिक निवेशक शिकार
ईडी की जांच में सामने आया कि गोमिलियन के प्रमोटरों ने आम जनता और निवेशकों को ठगने के लिए एक सुनियोजित ढांचा तैयार किया था:
- झूठा वादा: प्रमोटरों ने 25,000 से अधिक निवेशकों को प्रतिदिन तय रिटर्न देने और केवल 6 महीने में निवेश का पैसा दोगुना करने का झूठा लालच दिया।
- मल्टी-लेवल मार्केटिंग का सहारा: आरोपियों ने “TradeBull” नाम से एक प्रॉडक्ट-बेस्ड मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) कंपनी की आड़ में गुवाहाटी और असम के आसपास के जिलों में बड़े पैमाने पर अनधिकृत डिपॉजिट (Unregulated Deposits) इकट्ठा किया।
जांच और कानूनी कार्रवाई का विवरण
| एजेंसी / कानून | कार्रवाई का विवरण |
|---|---|
| मूल एफआईआर (CBI/पुलिस) | सीबीआई (CBI) की एंटी-करप्शन ब्रांच द्वारा गीता नगर पुलिस स्टेशन (केस नं. 174/2024) की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज। |
| संबंधित कानून | ‘भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023’ और ‘बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम्स एक्ट (BUDS), 2019’ के तहत मामला दर्ज। |
| ईडी की जांच (PMLA) | केंद्रीय एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत आपराधिक आय (Proceeds of Crime) का पता लगाकर 15.25 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्की/जब्त की। |
ईडी के अनुसार, अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य वित्तीय लेन-देन, बेनामी खातों और इस रैकेट में शामिल अन्य सहयोगियों की भूमिका की आगे की जांच जारी है।

