विशेषाधिकार समिति को मामला भेजने की अपील; आधी रात को सर्किट हाउस खाली कराने का था आरोप
नई दिल्ली:
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा से जुड़े कृष्णनगर (पश्चिम बंगाल) सर्किट हाउस विवाद पर एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। सुले ने पूरे घटनाक्रम की औपचारिक जांच कराने और मामले को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति (Privileges Committee) के पास भेजने का अनुरोध किया है।
यह विवाद पश्चिम बंगाल के कृष्णनगर स्थित सरकारी सर्किट हाउस से संबंधित है, जहां 14 अगस्त की देर रात कथित तौर पर महुआ मोइत्रा को अचानक परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया था।
प्रशासनिक कार्रवाई और सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल
सुप्रिया सुले ने लोकसभा अध्यक्ष को भेजे पत्र में कई प्रमुख चिंताएं व्यक्त की हैं:
- मनमानी कार्रवाई: जिस समय और तरीके से एक मौजूदा महिला सांसद को आधी रात में कमरा खाली करने को कहा गया, वह प्रशासनिक मनमानी और सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक है।
- संसदीय गरिमा का हनन: जनप्रतिनिधियों को उनके सार्वजनिक और संसदीय कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान डराना या असुविधा में डालना संसद की गरिमा और विशेषाधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।
- सुरक्षा की मांग: सुले ने स्पीकर से हस्तक्षेप करते हुए महुआ मोइत्रा को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
महुआ मोइत्रा ने इन अधिकारियों के खिलाफ दिया नोटिस
| अधिकारी का पदनाम | अधिकारी का नाम | लगाए गए आरोप |
|---|---|---|
| जिलाधिकारी (DM), नदिया | श्रीकांत पल्ली | प्रशासनिक दबाव और कार्य में रुकावट। |
| अतिरिक्त जिलाधिकारी (ADM) | नृपेंद्र सिंह | देर रात जबरन परिसर खाली कराने का निर्देश। |
| नाज़रेथ डिप्टी कलेक्टर | अनामिका बेरा | संसदीय जिम्मेदारियों में कथित हस्तक्षेप और उत्पीड़न। |
विपक्ष के अन्य सांसदों ने भी उठाई आवाज
सुप्रिया सुले से पहले शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत और माकपा (CPM) सांसद के. राधाकृष्णन भी लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के आचरण की जांच और विशेषाधिकार समिति द्वारा कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।

