यमनी सेना और स्वयं सेवी बलों ने अल-बैज़ा प्रांत के अज़-ज़हरा शहर को अल-क़ायदा और दाइश के आतंकवादियों के क़ब्ज़े से आज़ाद करा लिया है।
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अल-मसीरा टीवी चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक़, गुरुवार को यमनी सैनिकों और अल-हौसी आंदोलन के संघर्षकर्ताओं ने अज़-ज़हरा शहर को पूर्ण रूप से आज़ाद करा लिया है।
इस अभियान में इलाक़े के क़बीलों ने यमनी सेना का भरपूर समर्थन किया और आतंकवादियों का डटकर मुक़ाबला किया।
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लड़ाई में अल-क़ायदा और दाइश के 100 से ज़्यादा आतंवादी ढेर हो गए हैं।
इससे पहले बुधवार को भी यमनी सैनिकों और स्वयं सेवी बलों की सूमा और अज़-ज़हरा के मोर्चों पर भीषण झड़पें हुई थीं।
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मारिब प्रांत में सऊदी समर्थित लड़ाकों और आतंकवादियों की लगातार हार के बाद अब हमलावर देशों ने अल-क़ायदा और दाइश जैसे आतंकवादियों की सेवाएं ली हैं, ताकि अल-बैज़ा प्रांत के नए मोर्चों पर यमनी सेना के बढ़ते क़दमों को रोका जा सके।
सऊदी अरब ने अमरीका से हरी झंडी मिलने के बाद मार्च 2015 में कई देशों के साथ मिलकर यमन के ख़िलाफ़ युद्ध की घोषणा कर दी थी। पिछले 6 वर्षों के दौरान सऊदी सैन्य गठबंधन ने भीषण हवाई हमले किए हैं, जिससे यमन का आधारभूत ढांचा पूरी तरह से नष्ट हो चुका है। यमन की घेराबंदी और हवाई हमलों में बड़ी संख्या में बच्चों और महिलाओं समेत अब तक लाखों लोग मारे जा चुके हैं। हालांकि इस सबके बावजूद, सऊदी सैन्य गठबंधन अपना एक भी लक्ष्य इस लड़ाई में हासिल नहीं कर सका है।

