2025 की शुरुआत के साथ ही चीन और रूस ने अपने मजबूत रिश्ते और बढ़ते सहयोग को एक बार फिर से उजागर किया। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए अपने आपसी संबंधों को उच्च स्तर पर पहुंचाने की बात कही है। दोनों नेताओं के संदेश न केवल उनके द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाते हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उनके बढ़ते रणनीतिक गठबंधन को भी रेखांकित करते हैं।
शी जिनपिंग का संदेश: गैर-गठबंधन और गैर-टकराव की नीति पर जोर
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने नववर्ष संदेश में इस बात पर बल दिया कि चीन और रूस की साझेदारी गैर-गठबंधन और गैर-टकराव के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने कहा,
“एक सदी में अभूतपूर्व तेजी से हुए परिवर्तन और अस्थिर अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य के बीच, चीन और रूस ने गैर-गठबंधन, गैर-टकराव और किसी तीसरे पक्ष को निशाना न बनाने के सही रास्ते पर हाथ से हाथ मिलाकर प्रगति की है।”
शी जिनपिंग ने इस बात पर भी जोर दिया कि दोनों देशों के बीच विश्वास और रणनीतिक समन्वय लगातार मजबूत हो रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए एक नई मिसाल पेश करता है।
पुतिन का संदेश: द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने संदेश में चीन और रूस के बीच बढ़ते व्यापार, ऊर्जा, विज्ञान, और प्रौद्योगिकी के सहयोग को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने “नए युग के लिए समन्वय की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।”
पुतिन ने यह भी कहा कि 2025 में वे चीन के साथ अपने संबंधों को और अधिक मजबूत करने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स, एससीओ और जी20 जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने की भी प्रतिबद्धता जताई।
अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य और अमेरिका का प्रभाव
चीन और रूस के बढ़ते संबंध एक ऐसे समय में सामने आ रहे हैं जब दोनों देशों को पश्चिमी देशों, विशेष रूप से अमेरिका, से चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
अमेरिका के राष्ट्रपति-चुनाव डोनाल्ड ट्रंप की शपथ ग्रहण से पहले दोनों नेताओं ने अपने संबंधों को मजबूत करने की बात कही। ट्रंप ने अपने अभियान के दौरान चीन के खिलाफ सख्त रुख अपनाने और रूस के साथ दोस्ताना संबंध स्थापित करने की बात कही थी। ऐसे में चीन और रूस के बीच बढ़ता सहयोग वैश्विक राजनीति में नई ध्रुवीकरण की दिशा को दर्शाता है।
चीन की संतुलित नीति: रूस के समर्थन में सतर्कता
2012 में सत्ता संभालने के बाद से राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रूस के साथ संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने की कोशिश की है।
हालांकि, चीन ने यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस की खुली आलोचना करने से बचते हुए एक संतुलित रुख अपनाया। बीजिंग ने मॉस्को के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को बनाए रखा और कीव के साथ भी अपने कूटनीतिक संबंधों को बरकरार रखा। यह दर्शाता है कि चीन, रूस के साथ अपने संबंधों को लेकर कितनी सतर्क और दूरदर्शी नीति अपना रहा है।
द्विपक्षीय संवाद और भविष्य की योजनाएं
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने संदेश में बीजिंग, अस्ताना और कज़ान में हुई पिछली बैठकों का जिक्र किया। उन्होंने इन बैठकों में अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर हुई सहमति को याद किया। इसके अलावा, पत्रों और फोन कॉल्स के जरिए निरंतर संवाद को भी उन्होंने रेखांकित किया।
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि वे शी जिनपिंग के साथ घनिष्ठ संवाद बनाए रखने के लिए तैयार हैं ताकि दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत किया जा सके।
आगे का रास्ता: रणनीतिक साझेदारी और सहयोग
दोनों देशों ने अपने रिश्तों को व्यापार, ऊर्जा, परिवहन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया है। इसके साथ ही, बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने की बात भी की गई है।

