चेन्नई: तमिल सिनेमा के जाने-माने अभिनेता जयकांत (जय) ने आधिकारिक तौर पर इस्लाम धर्म कबूल करने की घोषणा की है। साल 2002 में थलापति विजय की सुपरहिट फिल्म ‘भगवती’ में उनके छोटे भाई का किरदार निभाकर चर्चा में आए 42 वर्षीय जय ने एक इंटरव्यू में अपने इस फैसले के पीछे की वजहों का खुलासा किया है। अभिनेता ने बताया कि एक मंदिर में हुए खराब अनुभव और अपमान के बाद उनका झुकाव इस्लाम की तरफ हुआ।
2011 से कर रहे थे फॉलो, अब बदलेंगे नाम
मीडिया पोर्टल ‘गलाटा प्लस’ को दिए एक इंटरव्यू में जयकांत ने बताया कि वह पिछले कई सालों से आध्यात्मिक शांति की तलाश में थे:
- सभी धर्मों का किया अनुसरण: जय ने बताया कि वह पहले सबरीमाला मंदिर जाने के लिए माला पहनते थे और व्रत रखते थे। इसके बाद उन्होंने एक साल तक प्रभु यीशु के लिए भी माला पहनी और उपवास किया। वह सभी देवी-देवताओं को मानते थे।
- 15 साल बाद खुलासा: अभिनेता ने स्पष्ट किया कि उन्होंने साल 2011 से ही इस्लाम को फॉलो करना शुरू कर दिया था, लेकिन अब तक अपना नाम नहीं बदला था। उन्होंने घोषणा की है कि वह जल्द ही अपना कानूनी नाम जयकांत से बदलकर ‘अजीज जय’ करने वाले हैं।
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‘मस्जिद में दिखा समानता का भाव’
धर्म परिवर्तन की मुख्य वजह साझा करते हुए जय ने कहा कि जीवन में एक समय ऐसा आया जब मंदिर में उनके साथ कुछ ऐसी घटनाएं हुईं, जिससे उन्हें बेहद अपमानित महसूस हुआ और वह वहां की व्यवस्था से संतुष्ट नहीं थे।
“मंदिर में अपमानित होने के बाद मैं मस्जिद जाने लगा। वहां मैंने देखा कि सभी लोग एक लाइन में खड़े होकर प्रार्थना कर रहे हैं। वहां मौजूद लोग जानते थे कि मैं एक अभिनेता हूं, लेकिन नमाज के दौरान किसी ने मुझसे बात नहीं की। नमाज खत्म होने के बाद ही लोगों ने मुझसे बेहद विनम्रता से बात की। इस्लाम में सभी को समान माना जाता है, वहां कोई सेलिब्रिटी हो या आम इंसान, ईश्वर के सामने सब एक हैं।”
जय ने आगे कहा कि मस्जिदों में प्रार्थना के दौरान कोई किसी को धक्का नहीं देता या वहां से जाने के लिए नहीं कहता। वहां जितनी देर चाहें बैठ सकते हैं, जो एक योग (Meditation) जैसा सुकून देता है। इस जुड़ाव के बाद उनके स्वभाव में भी काफी सकारात्मक बदलाव आया है।
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करियर से कोई लेना-देना नहीं, परिवार भी है खुश
अभिनेता ने साफ तौर पर कहा कि उनके इस फैसले का उनके फिल्मी करियर से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह कदम पूरी तरह अपनी आत्मिक संतुष्टि के लिए उठाया है। जय ने यह भी बताया कि उनके इस फैसले से उनका परिवार भी काफी खुश है, क्योंकि इससे पहले वह किसी भी धर्म को गहराई से नहीं मानते थे।
जयकांत का फिल्मी सफर:
42 साल के जय तमिल फिल्म इंडस्ट्री का एक जाना-माना चेहरा हैं। उन्होंने थलापति विजय के साथ फिल्म ‘भगवती’ से पहचान बनाई थी। इसके बाद उन्होंने ‘चेन्नई 600028’, ‘सुब्रमण्यपुरम’, ‘एंगाएयुम एप्पोथुम’, ‘राजा रानी’ और ‘जरुगंदी’ जैसी कई बेहतरीन और यादगार तमिल फिल्मों में मुख्य व सहायक भूमिकाएं निभाई हैं।

