ईरान में परमाणु कार्यक्रम को लेकर जारी घमासान के बीच एक बार फिर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का बयान सामने आया है। पेजेशकियन ने बुधवार को एक बार फिर वचन दिया कि उनका देश परमाणु बम बनाने की कोशिश नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच कोई समझौता होता है, तो ईरान में अमेरिकी निवेश को लेकर कोई आपत्ति नहीं होगी।
तेहरान में एक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा कि ईरान में अमेरिकी निवेशकों के लिए कोई विरोध नहीं है। अमेरिकी निवेशक आएं और निवेश करें। उन्होंने कहा कि हम परमाणु बम के पीछे नहीं हैं। आपने इसे 100 बार सत्यापित किया है, इसे 1,000 बार करें। बता दें कि राष्ट्रपति पेजेशकियन का यह बयान 2015 के परमाणु समझौते के बाद ईरान के बदले रुख से अलग था, क्यों कि ईरान ने अमेरिकी कंपनियों को अपने देश में निवेश करने से रोक दिया था।
साथ ही अपने बयान में राष्ट्रपति पेजेशकियन ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि खामेनेई भी अमेरिकी निवेशकों को ईरान में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। पेजेशकियन ने यह भी बताया कि शनिवार को ओमान में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिकी मध्यपूर्व दूत स्टीव विटकॉफ के बीच बातचीत होगी, जो अप्रत्यक्ष रूप से होगी। हालांकि इस मामले में ट्रंप ने कहा था कि यह बातचीत सीधी होगी, जिसे तेहरान ने पहले दौर की बातचीत के बाद खारिज नहीं किया था।
गौरतलब है कि शनिवार को अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बैठक से पहले ईरानी राष्ट्रपति पेजेकियन का ये बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ध्यान आकर्षित किया है, जिन्होंने अपने पहले कार्यकाल में ईरान के परमाणु समझौते से अमेरिका को बाहर कर दिया था और अब ईरान के साथ एक नया समझौता करना चाहते हैं।

