नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। उन्होंने देश को एक आसन्न और गंभीर आर्थिक संकट के प्रति आगाह करते हुए कहा कि सरकार की नीतियां देश के आम नागरिकों के बजाय केवल चुनिंदा पूंजीपतियों को मजबूत कर रही हैं।
“अदाणी-अंबानी की संपत्ति बढ़ाना ही सरकार का मकसद”
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश का जो आर्थिक ढांचा तैयार किया है, वह आम जनता के हितों को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया।
- पूंजीपतियों को फायदा: उनका सीधा आरोप है कि इस पूरी व्यवस्था का एकमात्र उद्देश्य अदाणी और अंबानी जैसे बड़े औद्योगिक घरानों की संपत्ति और साम्राज्य को बढ़ाना रहा है।
- आम जनता बेसहारा: राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि जब भी यह त्रुटिपूर्ण आर्थिक ढांचा कमजोर होगा या ढहेगा, तो बड़े पूंजीपतियों पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा। उनके पास अपनी संपत्ति और खुद को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त साधन और विकल्प मौजूद हैं।
आर्थिक संकट की मार सबसे ज्यादा किस पर पड़ेगी?
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि आने वाले समय में देश जिस बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है, उसकी सबसे भीषण मार उन वर्गों पर पड़ेगी जो पहले से ही महंगाई और बेरोजगारी के दबाव में हैं:
- युवा और बेरोजगार
- गरीब और मजदूर वर्ग
- मध्यम वर्ग (Middle Class)
- किसान और छोटे व्यापारी
उन्होंने कहा कि सरकार की कॉरपोरेट-अनुकूल नीतियों के कारण छोटा व्यापार और कृषि क्षेत्र लगातार कमजोर हो रहे हैं, जिससे देश की आर्थिक बुनियाद को गहरा नुकसान पहुंच रहा है।

