नई दिल्ली: देश के सबसे संवेदनशील और प्रमुख राजनयिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने इस सप्ताह नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय (MEA) के मुख्यालय ‘सुषमा स्वराज भवन’ में औपचारिक रूप से कमान संभाल ली है। मंत्रालय परिसर की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ और पेशेवर बनाने के लिए सीआईएसएफ के 90 सुरक्षा कर्मियों की स्वीकृत टुकड़ी को यहाँ तैनात किया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ उद्घाटन
विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (कार्मिक) तरुण कुमार (IPS) ने सीआईएसएफ के उप महानिरीक्षक (CGBS) जी. शिवकुमार (IPS), सुरक्षा ब्यूरो के निदेशक कर्नल मनोज यादव और कमांडेंट (ऑपरेशन) नीरज कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में सीआईएसएफ कोट (CISF Cot) का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर विदेश मंत्रालय प्रबंधन के प्रतिनिधियों के साथ-साथ सीआईएसएफ के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
संवेदनशील और सरकारी बुनियादी ढांचे की सुरक्षा का जिम्मा
इस नई तैनाती के साथ ही भारत के इस महत्वपूर्ण राजनयिक केंद्र को सीआईएसएफ की कोर और पेशेवर सुरक्षा छतरी मिल गई है। गौरतलब है कि सीआईएसएफ को देश भर में महत्वपूर्ण सरकारी बुनियादी ढांचे, नागरिक उड्डयन सुविधाओं (हवाई अड्डों), परमाणु प्रतिष्ठानों, अंतरिक्ष केंद्रों और अन्य अत्यधिक संवेदनशील सरकारी परिसरों की सुरक्षा का विशेष दायित्व सौंपा गया है।
बंदरगाहों के लिए ‘मान्यता प्राप्त सुरक्षा संगठन’ नामित
मंत्रालय की सुरक्षा के अलावा, देश के समुद्री व्यापार और बंदरगाहों (Ports) की सुरक्षा अवसंरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने सीआईएसएफ को एक और बड़ी जिम्मेदारी दी है। बल को बंदरगाह सुविधाओं के लिए आधिकारिक तौर पर ‘मान्यता प्राप्त सुरक्षा संगठन’ (Recognized Security Organization) नामित किया गया है।
इस नई भूमिका के तहत सीआईएसएफ अब देश के विभिन्न बंदरगाहों का व्यापक सुरक्षा मूल्यांकन करेगी और उनके लिए पुख्ता सुरक्षा योजनाएं तैयार करेगी। इसके साथ ही, बंदरगाहों की सुरक्षा में तैनात निजी सुरक्षा एजेंसियों (Private Security Agencies) को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देने और उनकी क्षमता निर्माण (Capacity Building) करने का जिम्मा भी सीआईएसएफ को सौंपा गया है।

