कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में हुए बहुचर्चित भांगर बम विस्फोट मामले (Bhangar Bomb Blast Case) में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को एक और बहुत बड़ी कामयाबी मिली है। एनआईए ने शुक्रवार (5 जून 2026) की रात तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेता, कैनिंग पूर्व के पूर्व विधायक और भांगर से पार्टी के उम्मीदवार रहे शौकत मोल्ला को गिरफ्तार कर लिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी के सूत्रों का दावा है कि शौकत मोल्ला पिछले कई दिनों से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और खुफिया रास्तों से बांग्लादेश भागने की फिराक में था।
बारुईपुर से दबोचा गया आरोपी; आत्मसमर्पण की रणनीति रह गई अधूरी
एनआईए के सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी शौकत मोल्ला की गिरफ्तारी के लिए लगातार जाल बिछा रही थी। जांच में सामने आया है कि जब शौकत के करीबियों और सहयोगियों पर एनआईए का शिकंजा पूरी तरह कस गया, तो उसने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए आत्मसमर्पण (Surrender) करने का मन बना लिया था। वह शुक्रवार रात को ही कोलकाता के न्यू टाउन स्थित एनआईए कार्यालय (NIA Office) जाने की तैयारी कर रहा था। हालांकि, एनआईए की स्पेशल टीम ने उसकी इस रणनीति को नाकाम करते हुए आत्मसमर्पण से पहले ही उसे दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर इलाके से घेराबंदी करके हिरासत में ले लिया और बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
जीवनतला आवास पर हुई थी छापेमारी, बेटे से हुई थी पूछताछ
इससे पहले, गुरुवार (4 जून) की सुबह एनआईए की भारी टीम ने शौकत मोल्ला के जीवनतला स्थित पैतृक आवास और अन्य ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। हालांकि, उस वक्त शौकत मोल्ला अपने घर पर मौजूद नहीं था। तलाशी अभियान के दौरान एनआईए ने घर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए थे। इसके साथ ही अधिकारियों ने शौकत के बेटे इमरान मोल्ला से भी कई घंटों तक गहन पूछताछ की थी, जिससे आरोपी के संभावित ठिकानों के महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे थे।
क्या है पूरा भांगर बम विस्फोट मामला?
यह पूरा मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले का है। दक्षिण 24 परगना के भांगर के दक्षिण बामुनिया इलाके में चुनाव को प्रभावित करने और अशांति फैलाने के उद्देश्य से अवैध रूप से देसी बम बनाए जा रहे थे। इसी दौरान बारूद में एक जोरदार धमाका (ब्लास्ट) हो गया। इस भीषण विस्फोट में बम बना रहे एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
शुरुआत में इस संवेदनशील मामले की तफ्तीश पश्चिम बंगाल की राज्य पुलिस कर रही थी। हालांकि, स्थानीय समीकरणों और मामले की गंभीरता को देखते हुए इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के अध्यक्ष और भांगर के तत्कालीन विधायक नौशाद सिद्दीकी ने इस ब्लास्ट की एनआईए जांच कराने की पुरजोर मांग की थी। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर इस केस की कमान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई।
आपराधिक नेटवर्क को लेकर गहन पूछताछ शुरू
एनआईए के अधिकारियों के मुताबिक, शौकत मोल्ला की गिरफ्तारी इस केस की साजिश का पर्दाफाश करने के लिए बेहद अहम है। एजेंसी अब उसे रिमांड पर लेकर विस्फोट की फंडिंग, अवैध बारूद की सप्लाई चेन और उसके कथित राजनीतिक व आपराधिक नेटवर्क (Criminal Network) को लेकर कड़ाई से पूछताछ कर रही है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी पर फिलहाल तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शीर्ष नेतृत्व की ओर से कोई भी आधिकारिक या सांगठनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, वहीं एनआईए भी सुरक्षा कारणों और आगे की तफ्तीश का हवाला देते हुए विस्तृत ब्यौरा साझा करने से बच रही है।

